झांसी। रेलवे से रिटायर हो चुके एक बुजुर्ग की ज़िंदगी के अंधेरे कोनों से निकली यह कहानी शहर को सन्न कर देने वाली है। 64 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी ही 32 साल छोटी प्रेमिका की बेरहमी से हत्या की, फिर अपराध छिपाने के लिए उसके शव को टुकड़ों में काटकर सात दिनों तक एक-एक अंग जलाता रहा। मकसद सिर्फ एक था—सबूत मिटाना, ताकि बदबू घर की चारदीवारी से बाहर न जाए। शनिवार देर रात जब वह अधजले अंगों, हड्डियों और राख को एक नीले लोहे के बक्से में भरकर ठिकाने लगाने निकला, तब किस्मत ने उसे पकड़वा दिया। एक साधारण लोडर ऑटो, 400 रुपये का किराया और “पीछे-पीछे आने” का बहाना—यहीं से कहानी का पर्दाफाश शुरू हुआ। बक्से से टपकता पानी और फैली बदबू बनी राज़ की चाबी आरोपी ने बक्सा लोडर में रखवाया और उसे अपनी दूसरी पत्नी के मोहल्ले तक भिजवा दिया। लेकिन बक्से से उठती तीखी दुर्गंध और नीचे टपकता पानी देख लोडर चालक और स्थानीय लोग सशंकित हो गए। रात करीब दो बजे पुलिस को सूचना दी गई। जब पुलिस ने बक्सा खोला, तो मौके पर मौजूद हर शख्स के होश उड़ गए—अंदर अधजले मानव अंग, हड्डियां और राख भरी पड़ी थीं। तब तक आरोपी फरार हो चुका था। पुलिस ने तत्काल उसके बेटे समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। कुछ ही घंटों में हत्या की परतें खुलने लगीं। लिव-इन, लालच और हत्या का प्लान पुलिस जांच में मृतका की पहचान प्रीति (32) के रूप में हुई, जो आरोपी राम सिंह परिहार उर्फ बृजभान के साथ झांसी के सीपरी बाजार इलाके में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। आरोपी पहले से दो शादियां कर चुका था। प्रीति उसके जीवन में तीसरी महिला थी, जिसके साथ वह बिना विवाह के रह रहा था। बताया गया कि प्रीति अपने खर्चों और भविष्य को लेकर लगातार पैसों की मांग कर रही थी। शुरुआत में आरोपी ने मांगें पूरी कीं, लेकिन जैसे-जैसे दबाव बढ़ा, उसने रास्ता बदल लिया—सीधा हत्या का रास्ता। 20 दिन पहले किराए पर लिया था मकान आरोपी ने बह्म नगर की पहाड़ी पर स्थित एक मकान करीब 20 दिन पहले किराए पर लिया था। वहीं वह प्रीति को लेकर गया और करीब एक सप्ताह पहले उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को कई टुकड़ों में काटा गया। फिर एक देसी चूल्हे पर हर दिन एक अंग जलाया जाता रहा, ताकि किसी को शक न हो। जब अंग जलाने के बाद भी शव को ठिकाने लगाने की चुनौती बची रही, तो आरोपी ने लोहे का बड़ा बक्सा खरीदा। अधजले अंग, राख और कोयला उसी में भरे गए। ऑटो चालक की सूझबूझ से खुला राज लोडर चालक जय सिंह पाल ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे 400 रुपये में गाड़ी बुक की थी। चार लोग साथ थे, जिनमें आरोपी का बेटा भी शामिल था। बक्से के बारे में पूछने पर कहा गया कि “घर का सामान” है। बदबू के बावजूद जबरन बक्सा लदवाया गया। कॉलोनी पहुंचते ही शक गहराया और पुलिस को सूचना दी गई। आरोपी हिरासत में, पूछताछ जारी एसपी सिटी प्रीति सिंह के अनुसार, मुख्य आरोपी राम सिंह परिहार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतका के साथ उसके करीब दस साल से संबंध थे। पुलिस अब हत्या के पूरे घटनाक्रम, अन्य लोगों की भूमिका और साक्ष्यों की कड़ी को जोड़ने में जुटी है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation DGCA की इंडिगो पर बड़ी कार्रवाई, ₹22.20 करोड़ का जुर्माना गणतंत्र दिवस पर बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप-मुझे डीएम आवास पर बंधक बनाया गया