24 News Update उदयपुर. राज्य में बांस की खेती को बढ़ावा देने, वायुमंडलीय कार्बन अवशोषण में इसकी भूमिका, पर्यावरणीय लाभों तथा किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हेतु एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन राजभवन, जयपुर में माननीय राज्यपाल श्री हरिभाऊ किशनराव बगड़े की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर माननीय कुलाधिपति के सचिव डॉ. पृथ्वी राज जी, कृषि, उद्यानिकी एवं वन विभागों के सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारीगण, एवं महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के कुलपति डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक सहित अनेक विशिष्टजन उपस्थित रहे।प्रख्यात बांस विशेषज्ञ पासा पटेल जी ने बांस के नवाचारपूर्ण उपयोग और इसके बहुआयामी परिवर्तनकारी सामर्थ्य पर एक विशेष व्याख्यान दिया। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने राज्य में बांस की खेती को लेकर अब तक की प्रगति एवं भावी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दीं। बैठक में डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक ने सतत कृषि प्रणाली में बांस की भूमिका पर अपने विचार साझा किए और इसे किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प बताया। राज्यपाल ने बांस की खेती को एक जन आंदोलन के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया—एक ऐसा सामाजिक अभियान जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ. कर्नाटक को हस्तनिर्मित बांस की दीवार घड़ी भेंट की, जो बांस की दैनिक उपयोगिता और पर्यावरणीय महत्व का प्रतीक है। बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सभी संबंधित विभाग और अनुसंधान संस्थान मिलकर बांस की खेती को मिशन मोड में आगे बढ़ाएंगे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 67 वर्ष की आयु में एमए फाइनल की परीक्षा : बेटियों से मिली प्रेरणा, अब बेटियों के बने प्रेरणास्त्रोत — विधायक फूलसिंह मीणा का शिक्षा के प्रति अनूठा जज्बा कर्ज में डूबे बेटे ने ही घर में की नकली चोरी, माता-पिता के गहने चुराकर खुद ही दर्ज करवाई रिपोर्ट, पुलिस जांच में फूटा भांडा