Site icon 24 News Update

खाटूधाम में आस्था का महासमागम : आठ दिवसीय लक्खी फाल्गुन मेले का शुभारंभ, 27 फरवरी को मुख्य एकादशी मेला

Advertisements

लाखों श्रद्धालुओं की संभावित आमद, सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम

जयपुर/सीकर, 21 फरवरी। राजस्थान के सीकर जिले स्थित विश्वविख्यात खाटू श्याम मंदिर में आठ दिवसीय लक्खी फाल्गुन मेले का शुभारंभ श्रद्धा और उल्लास के साथ हो गया। बाबा लखदातार श्याम की नगरी खाटूधाम इन दिनों भक्ति, भव्यता और भक्तों की आस्था से सराबोर है। मेले का मुख्य आयोजन 27 फरवरी (फाल्गुन एकादशी) को होगा, जिस दिन लाखों श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

श्याम दरबार की अलौकिक सजावट

फाल्गुन मेले को दिव्य स्वरूप देने के लिए मंदिर परिसर को विशेष थीम आधारित सजावट से सजाया गया है। मंदिर के सिंहद्वार पर भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेन्द्र सिंह चौहान के अनुसार इस वर्ष 120 बंगाली कारीगरों द्वारा भव्य पुष्प एवं कलात्मक सजावट कराई गई है। परिसर में विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जिससे श्रद्धालु बाबा श्याम के साथ अन्य देव स्वरूपों के भी दर्शन कर सकें।

सुव्यवस्थित दर्शन के लिए बहुस्तरीय मार्ग

देशभर से आने वाले श्रद्धालु रींगस डायवर्जन, चारण मेला मैदान, लखदातार मैदान और 40 फीट नवीन मार्ग से होकर मंदिर तक पहुंच रहे हैं। भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए प्रवेश और निकास मार्ग अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं।

प्रशासन और मंदिर कमेटी ने पेयजल, चिकित्सा, प्रकाश व्यवस्था और नियंत्रण कक्ष की विशेष व्यवस्था की है ताकि दर्शन प्रक्रिया सुचारु बनी रहे।

राजस्थान पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था

मेले में सुरक्षा को लेकर राजस्थान पुलिस ने व्यापक प्रबंध किए हैं। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय बनाया गया है।

पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि आपात स्थिति में सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 के साथ मोबाइल नंबर 9667600788 जारी किया गया है, जो 24 घंटे सक्रिय रहेंगे।

श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन एवं सहायता हेतु 12 पुलिस सहायता बूथ स्थापित किए गए हैं। सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन मॉनिटरिंग और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती से पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा गया है।

आस्था और अनुशासन का उत्सव

फाल्गुन मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक ऊर्जा का भी प्रतीक है। भजन-कीर्तन, निशान यात्राएं और सेवा शिविरों से खाटूधाम का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत है।

Exit mobile version