Site icon 24 News Update

इंदौर में ईवी चार्जिंग से भड़की आग ने लिया विकराल रूप, एक ही परिवार के 8 लोगों की दर्दनाक मौत

Advertisements

24 News Update इंदौर। शहर के बंगाली चौराहे के पास स्थित ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार तड़के एक भयावह हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। इलेक्ट्रिक कार (टाटा पंच) की चार्जिंग के दौरान हुए कथित शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने देखते ही देखते तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण अग्निकांड में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
बताया जा रहा है कि हादसा सुबह करीब 3:30 से 4 बजे के बीच हुआ, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार के चार्जिंग पॉइंट में विस्फोट के बाद आग तेजी से फैली और घर के भीतर रखे गैस सिलेंडरों व ज्वलनशील केमिकल तक पहुंच गई। इसके बाद एक के बाद एक सिलेंडर फटने लगे, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया और मकान का एक हिस्सा ढह गया।
हादसे के वक्त घर में परिवार के अलावा बिहार के किशनगंज से आए 6 रिश्तेदार भी मौजूद थे, जो एक दिन पहले ही इंदौर पहुंचे थे। इनमें से अधिकांश इस हादसे का शिकार हो गए। मृतकों में एक मासूम बच्चा भी शामिल है, जबकि एक बच्चे के लापता होने की सूचना भी सामने आई है।
सबसे दुखद पहलू यह रहा कि घर में लगे डिजिटल लॉक बिजली आपूर्ति बंद होते ही काम करना बंद कर गए। अंदर फंसे लोग बाहर निकलने के लिए जूझते रहे, लेकिन दरवाजे नहीं खुल पाए। बचाव दल को बाद में ग्रिल और दरवाजे काटकर अंदर प्रवेश करना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां करीब एक घंटे की देरी से मौके पर पहुंचीं, जिससे आग पर काबू पाने में और देर हुई। इस बीच आग ने पूरे घर को अपनी गिरफ्त में ले लिया।
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, घर में पॉलीमर से जुड़े ज्वलनशील केमिकल और 10 से अधिक गैस सिलेंडर रखे हुए थे, जिसने हादसे को और घातक बना दिया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के अनुसार, कई शव बुरी तरह झुलसे हुए थे और घायलों का इलाज जारी है।
घटना के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे “ईवी युग के लिए चेतावनी” बताते हुए मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक, लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्थाओं की खामियों का खौफनाक संगम बनकर सामने आया है—जहां एक चिंगारी ने पूरे परिवार की खुशियां राख में बदल दीं।

Exit mobile version