24 News Update निम्बाहेडा (कविता पारख)।बसंत पंचमी के पावन अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, निंबाहेड़ा सेवा केंद्र में आध्यात्मिक उल्लास एवं दिव्य अनुभूति से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सेवा केंद्र प्रभारी बीके शिवली दीदी ने सभी भाई-बहनों को बसंत पंचमी का गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य सरल एवं प्रभावशाली शब्दों में समझाया।
बीके शिवली दीदी ने बताया कि बसंत पंचमी केवल ऋतु परिवर्तन का पर्व नहीं है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है। जैसे बसंत ऋतु में मौसम सदाबहार हो जाता है, वैसे ही जीवन में गुरु के आगमन से जीवन बसंतमय हो जाता है। उन्होंने प्रेरणादायक भावों के साथ कहा —
“यदि जीवन में गुरु है तो बसंत है, और यदि गुरु नहीं तो बस अंत है।”
अतः जीवन में सद्गुरु का होना अत्यंत आवश्यक है।
दीदी ने आगे बताया कि वर्तमान समय सृष्टि चक्र का पावन पुरुषोत्तम संगम युग है, जिसमें भोलानाथ परम पिता परमात्मा सत्यम-शिवम-सुंदरम प्रजापिता ब्रह्मा के तन में अवतरित होकर हम सभी को सत्य ज्ञान का प्रकाश दे रहे हैं और जीवन को श्रेष्ठ बनाने की राह दिखा रहे हैं। जब यह ज्ञान की देवी सरस्वती हमारे जीवन में सत्य रूप से समा जाती है, तब निश्चित रूप से हमारा जीवन बसंत बन जाता है और पूरी सृष्टि भी बसंत के सुनहरे पड़ाव की ओर अग्रसर हो जाती है।
इस अवसर पर दीदी ने सभी को परमात्मा शिव को अपना सद्गुरु बनाकर, उनकी याद में रहकर जीवन को बसंत स्वरूप जीने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंतर्गत अंबा माता के पावन परिसर में सभी भाई-बहनों ने परमात्मा शिव बाबा की याद में योग साधना की, जिससे दिव्य वाइब्रेशन्स का सुंदर वातावरण बना। साथ ही सभी ने विभिन्न आध्यात्मिक खेलों का आनंद लिया तथा ईश्वरीय प्रसाद ग्रहण कर आत्मिक खुशी का अनुभव किया।
यह आयोजन सभी के लिए आत्मिक ताजगी, उत्साह एवं बसंतमय अनुभूति लेकर आया।
बसंत पंचमी पर निंबाहेड़ा सेवा केंद्र में आध्यात्मिक उल्लास का संगम बी के शिवली दीदी

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