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रेगिस्तान में बिछी बर्फ की चादर, तूफान में उड़ी छतें, मौसम के मिजाज ने राजस्थान को झकझोरा— लेकसिटी में भी झमाझम बारिश

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24 News Update उदयपुर। राजस्थान में शुक्रवार को मौसम ने ऐसा करवट ली कि गर्मी से तपते प्रदेश में अचानक सर्द अहसास उतर आया। जयपुर से लेकर बीकानेर और जैसलमेर तक कहीं आंधी, कहीं तेज बारिश तो कहीं ओलावृष्टि ने हालात बदल दिए। रेगिस्तान में ओलों की सफेद चादर बिछ गई, तो शहरों में तूफानी हवाओं ने टीनशेड और पेड़ों को उखाड़ दिया।

ओलों ने ढका रेगिस्तान, फसलें तबाह
बीकानेर के अर्जनसर और नोखा में भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे खेतों में ओलों की मोटी परत जम गई। वहीं जैसलमेर के नाचना इलाके में बारिश और ओलों ने इसबगोल और जीरा की फसलों को नुकसान पहुंचाया। किसानों के लिए यह बारिश राहत नहीं, बल्कि नई चिंता बनकर आई।

आंधी में उड़ी छतें, कार्यक्रमों में अफरा-तफरी
अजमेर और ब्यावर में तेज आंधी के साथ बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। ब्यावर में पेड़ गिरने से ई-रिक्शा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि अजमेर में शिलान्यास कार्यक्रम का टेंट तेज हवाओं में उड़ गया। कई जगहों पर बिजली पोल भी गिरने की खबर है। जयपुर में शाम होते-होते तेज आंधी और बारिश ने दस्तक दी। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे और पोलोविक्ट्री क्षेत्र में दुकान का छज्जा गिर गया। अचानक बदले मौसम ने लोगों को चौंका दिया, लेकिन तापमान में गिरावट से गर्मी से राहत जरूर मिली।

लेकसिटी में भी बरसे बादल
उदयपुर में भी शुक्रवार शाम करीब 5 बजे मौसम ने करवट ली और शहर के कई इलाकों में कहीं रिमझिम तो कहीं झमाझम बारिश का दौर चला। अचानक हुई इस बरसात ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन यातायात और आमजन की दिनचर्या पर भी असर डाला। राजसमंद और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेज बारिश से खेतों में कटी फसल बह गई और हाईवे पर पानी भर गया। मौसम का यह बदला रूप किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है।

क्यों बदला मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण अरब सागर से नमी आ रही है, जिससे आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का यह दौर बना हुआ है। अनुमान है कि 7-8 अप्रैल तक यह सिलसिला जारी रहेगा और 10 अप्रैल तक लू से राहत बनी रहेगी।

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