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8,000 करोड़ की ड्रग्स के मामले में 9 साल बाद 7 दोषी, सजा का ऐलान 26 को

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24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। उदयपुर में वर्ष 2016 से चल रहे बहुचर्चित ड्रग्स तस्करी मामले में विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सात आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस केस की अगली सुनवाई 26 मई 2025 को होगी, जिसमें कोर्ट दोषियों को सजा सुनाएगी। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) द्वारा की गई इस जांच में कलडवास औद्योगिक क्षेत्र स्थित ‘मरुधर’ नामक फैक्ट्री से 23.5 टन मेथाकॉलाइन (मेंड्रेस्क्स) जब्त किया गया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 8,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई थी।
दोषी करार दिए गए आरोपियों में रवि दुदानी, परमेश्वर व्यास, अतुल मातरे, गुंजन दुदानी, निर्मल दुदानी, अनिल मलकानी और संजय आर पटेल शामिल हैं। इनमें से संजय पटेल अब तक बेल पर थे, जिन्हें अब न्यायिक हिरासत में ले लिया गया है। वहीं इस केस के एक अन्य आरोपी सुभाष दुदानी की न्यायिक सुरक्षा के दौरान ही मृत्यु हो चुकी है। DRI ने मामले में बेहद सख्त और व्यापक जांच करते हुए 50 से अधिक गवाहों को पेश किया और अदालत के समक्ष 1,000 से अधिक दस्तावेज व लगभग 1,600 भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। यह केस पहले जिला एवं सत्र न्यायालय में चला, जिसे बाद में स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट में स्थानांतरित किया गया। पीठासीन अधिकारी मनीष वैष्णव ने मामले की सुनवाई की। विशेष लोक अभियोजक प्रवीण खंडेलवाल, एसपी शर्मा और राजेश वसीटा की मजबूत पैरवी के चलते अदालत ने सातों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा के लिए अगली तारीख 26 मई निश्चित की है। यह मामला नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ देश की अब तक की सबसे बड़ी कानूनी कार्रवाइयों में एक माना जा रहा है।

मुंबई से होता था कारोबार
डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस की टीम ने नवंबर 2016 में मुंबई से मिले इनपुट के आधार पर उदयपुर जिले के कलड़वास क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारकर एमडी ड्रग्स की अब तक की सबसे बड़ी खेप को जब्त किया था। इस छापे में 2300 किलो से अधिक एमडी (मेथेड्रोन) ड्रग्स बरामद की गई थी, जिसकी बाजार कीमत करीब 1200 करोड़ रुपये आंकी गई थी। उस समय इसे देश की अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी माना गया था। टीम ने जांच के बाद खुलासा किया था कि यह ड्रग्स रैकेट मुंबई से ऑपरेट किया जा रहा था। उदयपुर के कलड़वास में ड्रग्स का गोदाम बनाया गया था, जबकि राजसमंद के धोइंदा में इसकी मैन्युफैक्चरिंग की जा रही थी। छापेमारी के दौरान क्त्प् ने राजसमंद और गुडली क्षेत्र में भी कार्रवाई की थी। यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साउथ अफ्रीका तक ड्रग्स की आपूर्ति करता था। 1200 करोड़ की इस ड्रग्स फैक्ट्री से जुड़े मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन अभियुक्तों में से प्रमुख नाम रवि दूदानी, परमेश्वर व्यास और सुभाष दूदानी है। सुभाष दूदानी की मृत्यु हो चुकी है, जबकि रवि दूदानी और परमेश्वर व्यास पिछले 9 वर्षों से जेल में बंद हैं।

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