24 News Update पाली। पाली जिले के दयालपुरा गांव में एक सरकारी शिक्षक की मौत ने कई सवाल छोड़ दिए। जिंदगी की रफ्तार, जिम्मेदारियों का बोझ और अकेलेपन की खामोशी, सब कुछ एक बंद कमरे में सिमट गया।
रविवार शाम 5 बजे गांव में उस समय हलचल मची, जब एक किराए के मकान से तेज दुर्गंध आने लगी। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस पहुंची और मेन गेट का ताला खुलवाकर अंदर दाखिल हुई। एक कमरे में पलंग पर 40 वर्षीय शिक्षक मुकेश मीणा का शव पड़ा मिला—दो से तीन दिन पुराना, सन्नाटे में लिपटा हुआ। सदर थाना पुलिस के अनुसार, मुकेश मीणा मूल रूप से टोंक जिले के निवासी थे और पिछले तीन वर्षों से दयालपुरा में अकेले रह रहे थे। वे गांव के राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय उच्च माध्यमिक संस्कृत विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे—स्कूल के सामने ही किराए का मकान लेकर।
ग्रामीणों ने बताया कि मुकेश आखिरी बार 10 अप्रैल को स्कूल गए थे। इसके बाद 11 और 12 अप्रैल को छुट्टियां होने के कारण वे घर से बाहर नहीं निकले। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि उसी दौरान उनकी जिंदगी थम चुकी है।
पुलिस की शुरुआती जांच में मकान अंदर से बंद मिला, जिससे किसी बाहरी हस्तक्षेप की संभावना फिलहाल नहीं मानी जा रही। परिजनों के अनुसार, मुकेश लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित थे और संभवतः हार्ट अटैक के कारण उनकी मौत हुई। पीछे परिवार में पत्नी और दो छोटे बेटे हैं जो टोंक में रहते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अकेले रहने वाले लोगों के लिए हृदयाघात खतरनाक साबित होता है। वक्त पर मदद नहीं मिल पाती।
बंद कमरे में 40 वर्षीय शिक्षक की दो दिन बाद मिली लाश, हार्ट अटैक से मौत

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