उदयपुर। 272 प्लॉट घोटाले में राहत देने के बदले 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने के मामले की जांच अब SOG के एक रीडर तक पहुंच गई है। एसीबी की जांच में कांस्टेबल और SOG के रीडर जसवंत सिंह राव की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। 26 सितंबर के बाद से उसके कार्यालय नहीं पहुंचने और मोबाइल बंद मिलने के बाद एसीबी उसकी तलाश में जुटी है। एसीबी ने रीडर के घासा स्थित घर समेत संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह परिवार सहित नहीं मिला। घर के बाहर जांच एजेंसी की ओर से नोटिस भी चस्पा किया गया है। एसीबी को आशंका है कि रीडर की भूमिका सामने आने के बाद मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट हो सकते हैं। SOG में अहम जिम्मेदारियां संभालता था रीडर जांच के दौरान सामने आया है कि जसवंत सिंह राव, गिरफ्तार SOG ASP मुकेश कुमार सोनी के रीडर के तौर पर काम करता था। 272 प्लॉट घोटाले समेत बड़े मामलों में कार्यालयीन और कागजी कार्रवाई से जुड़े कई काम उसके जिम्मे होने की बात सामने आई है। एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत के पूरे मामले में रीडर की क्या भूमिका थी और क्या उसे रिश्वत की बातचीत, दस्तावेजों या अन्य कार्रवाई की जानकारी थी। 2 करोड़ लेते दलाल गिरफ्तार, अगले दिन ASP भी पकड़े गए एसीबी ने 26 सितंबर को कार्रवाई करते हुए ASP मुकेश सोनी के कथित दलाल सज्जन सिंह जैन को 2 करोड़ रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसके अगले दिन 27 सितंबर को एसीबी ने ASP मुकेश सोनी को भी गिरफ्तार कर लिया। परिवादी की शिकायत के अनुसार, उसके खिलाफ दर्ज 272 प्लॉट घोटाले के मामले में राहत देने और जमीन से जुड़े दस्तावेज एवं जेवर जब्त नहीं करने के बदले 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगे जाने का आरोप है। जब्त सामान को लेकर भी उठे सवाल परिवादी निरंजन मोगरा ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के दौरान उसके घर से सोने के दो बैंगल, सोने की घड़ी, प्लॉट से जुड़े दस्तावेज और DVR सहित कुछ सामान SOG ने जब्त किया था। उसका दावा है कि इनमें से कुछ सामान जब्ती रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया। मोगरा के अनुसार, जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद उसने रीडर जसवंत सिंह राव से जब्त सामान के बारे में पूछा था। आरोप है कि रीडर ने उसे संबंधित अधिकारी से बात करने को कहा। अब परिवादी को आशंका है कि रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किए गए सामान के बारे में रीडर को जानकारी हो सकती है। इन आरोपों की भी जांच एसीबी कर रही है। तीनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ मंगलवार को एसीबी ने गिरफ्तार ASP मुकेश सोनी, दलाल सज्जन सिंह जैन और परिवादी निरंजन मोगरा को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। पूछताछ की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई। जांच में एक कार के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। एसीबी के अनुसार, सोनी परिवादी और दलाल से मिलने के लिए एक परिचित से कार लेकर गया था। हालांकि कार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की इस मामले में सीधी भूमिका की पुष्टि एसीबी ने अभी नहीं की है। जयपुर से पहुंचे जांच अधिकारी ने संभाली जांच मामले की जांच के लिए जयपुर से ASP महावीर सिंह शेखावत को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने उदयपुर पहुंचकर एसीबी कार्यालय में केस से जुड़े दस्तावेज और अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली। जांच अधिकारी ने आरोपियों से पूछताछ के साथ परिवादी से भी पूरे मामले की जानकारी ली। अब रीडर जसवंत सिंह राव की तलाश के साथ उसकी भूमिका और अन्य संभावित कड़ियों को जांचा जा रहा है। SOG कार्यालय की जिम्मेदारी नए अधिकारियों ने संभाली इधर, SP कुंदन कंवरिया और ASP राजेश चौधरी ने उदयपुर पहुंचकर गोवर्धन विलास स्थित SOG कार्यालय में काम संभाल लिया है। दोनों अधिकारियों ने 272 प्लॉट घोटाले से जुड़े प्रकरण की जानकारी ली और मामले में शामिल बताए जा रहे लोगों की भूमिकाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। एसीबी की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। रीडर जसवंत सिंह राव की तलाश और पूछताछ के बाद मामले में रिश्वत की कथित डील से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी स्थिति साफ होने की संभावना है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation नवकार महामंत्र के जाप से जीतो की नई पारी शुरू, राजकुमार फत्तावत ने संभाला अध्यक्ष पद का कार्यभार 2 अक्टूबर का ‘नो यूपीआई डे’ वापस, वित्त मंत्री से मुलाकात के बाद व्यापारिक संगठनों का फैसला