24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। उदयपुर में मंगलवार को ट्रिपल तलाक का एक गंभीर मामला सामने आया। पीड़ित महिला ने कोर्ट में अपने अधिवक्ता के माध्यम से पति शोएब खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने मीडिया को बताया कि विवाह 18 मई 2014 को कोटड़ा निवासी शोएब से हुआ था। पति ने अब तक 10 बार “तलाक तलाक तलाक“ कहकर उसे छोड़ने की कोशिश की है। शादी के बाद से ही पति के अन्य महिलाओं से मेलजोल रहा। महिलाओं को लेकर इसमें अन्य आरोप भी लगाए गए हैं। बताया गया कि शोएब कश्मीर शिफ्ट होने के बावजूद वह लगातार महिला को परेशान कर रहा है। महिला ने पति पर मादक पदार्थों की कथित तस्करी में भी लिप्त होने व इसके लिए कई बार गिरफ्तार होने का आरोप लगाया है। भरण-पोषण के लिए मेंटेनेंस भी नहीं दिया जा रहा है। महिला की मांग है कि पति के खिलाफ ट्रिपल तलाक कानून के उल्लंघन और अवैध गतिविधियों के लिए सख्त कार्रवाई की जाए। ट्रिपल तलाक कानून (मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2019)यह है ट्रिपल तलाक कानूनयह कानून भारत सरकार द्वारा 2019 में मुस्लिम महिलाओं को उनके वैवाहिक अधिकारों की रक्षा के लिए बनाया गया। इसमें तीन बार “तलाक तलाक तलाक“ कहकर तत्काल तलाक (जिसे ट्रिपल तलाक या तलाक-ए-बिद्दत कहा जाता है) को गैर-कानूनी घोषित किया गया है। मौखिक, लिखित, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (फोन, मैसेज, ईमेल) या किसी भी अन्य रूप में तीन तलाक देना अवैध और गैर-कानूनी है। तीन तलाक देने पर पति को तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। पुलिस बिना वारंट के आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है क्योंकि यह अपराध गैर-जमानती है। हालांकि जमानत के लिए मजिस्ट्रेट के पास आवेदन किया जा सकता है। महिला को भरण-पोषण का हक मिलेगा। पीड़िता और उसके बच्चों के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान है। बच्चों की कस्टडी का निर्णय मजिस्ट्रेट करेगा। ट्रिपल तलाक की प्रथा महिलाओं के साथ गंभीर अन्याय और शोषण का कारण बनती थी। सर्वोच्च न्यायालय ने 2017 के शायरा बानो बनाम भारत सरकार मामले में तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने इसे अपराध घोषित करने के लिए यह कानून बनाया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सवाल : सांसद मन्नालाल रावत ने सदन में क्यों मांगे उदयपुर व आसपास के जिलों के मनरेगा के आंकड़े?? आंकड़ों से उभरी तस्वीर – लगातार घटते जा रहे हैं काम के मौके?? कहीं आधे तो कहीं एक चौथाई को ही मिल रहा काम!!! डॉक्टर सक्का द्वारा तिरंगे झंडे के साथ बनी मंदिर, शिवलिंग, त्रिशूल ,यमुना नदी के बीच में बने मंदिर में करेंगे भेंट लिखा प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र