24 न्यूज अपडेट. जयपुर। आप केवल 38 साल के 10वीं पास साइबर क्रिमिनल मास्टरमाइंड का कारनाम देख कर चौंक जाएंगे। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले सौरभ साहू ने राजस्थान पुलिस की क्राइम ब्रांच की ईमेल आईडी हैक कर धमाल मचा दी। उसने ईमेल आईडी से लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवालई व कई लोगों से जमकर वसूली की। जासूसी का काम करने वालों को डेटा बेचा, यही नहीं बॉलीवुड के एक्टरों से भी वसूली की। बैंकों को पुलिस की मेल से लेटर भेज कर कई लोगों के खाते सीज करवा दिए। बैंक डीटेल जान ली। यह कारनामा सामने आने के बाद राजस्थान पुलिस की साइबर सिक्योरिटी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार बताया गया कि हाल में डेढ़ महीने पहले एक शख्स जयपुर पुलिस के पास पहुंचा और अपने बैंक खाते के फ्रीज होने की शिकायत की। पुलिस की जांच में जो खुलासा हुआ, उससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। ब्लैकमेलिंग और गोपनीय डिटेल चुराने का ये खेल राजस्थान पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच की ऑफिशियल ईमेल आईडी से खेला जा रहा था और पुलिस को इसकी कोई भनक तक नहीं थी। राजस्थान पुलिस ने मामला खुलने के बाद बदमाश की गिरफ्तारी पर 50 हजार का इनाम घोषित किया मगर वह लंबे समय से पुलिस की आंख में धूल झोंक रहा था। हाल ही में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सौरभ साहू को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कई खुलासे किए। आपको बता दें कि जब भी राजस्थान पुलिस को किसी अपराध में जानकारी जुटानी होती है तो ऑफिशियल मेल भेजकर ही वह जानकारी हासिल की जा सकती है। 6 मार्च 2024 को जयपुर का शोएब शरीफ खान राजस्थान पुलिस के साइबर क्राइम ऑफिस में पहुंचा। शोएब ने बताया कि उसका अकाउंट राजस्थान पुलिस के स्पेशल क्राइम ब्रांच ने मेल भेजकर फ्रीज करवाया है। शोएब ने अकाउंट फ्रीज करने की वजह जाननी चाही। पुलिस ने पड़ताल की तो सामने आया कि स्पेशल क्राइम ब्रांच के आईटी सेक्शन की मेल आईडी से कई सारे मेल, स्पेम मेल, जंक मेल डिलीट कर दिए गए हैं। मेल आईडी से बिना आधिकारिक निर्देशों के कई बैंकों को ईमेल कर कई खाताधारकों के मोबाइल नंबर, बैंक खातों के लेनदेन विवरण से संबंधित डिटेल व उनके आईपी लॉग की जानकारी ले ली गई। ईमेल से कई बैंक खातों को फ्रीज और अनफ्रीज करने, बैंकों में कार्यरत स्टाफ के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए भी विभिन्न बैंकों को ई मेल भेजे गए हैं।साइबर क्राइम पुलिस ने राजस्थान आईटी डिपार्टमेंट के कमिश्नर को लेटर भेज एक जुलाई 2023 से लेकर 6 मार्च 2024 तक स्पेशल क्राइम ब्रांच के आईटी सेक्शन की आईडी के लिए काम में लिए गए आईपी एड्रेस लॉग की डिटेल मांगी। इस पर आईटी डिपार्टमेंट ने फरवरी 2024 से 6 मार्च 2024 तक की आईपी एड्रेस लॉग की डिटेल दी। इसकी जांच में यह पता चला कि मेल आईडी को चलाने के लिए सिंगापुर के वीपीएन सर्वर को काम में लिया गया था। गोपनीय जानकारी हासिल करने के लिए पुलिस अधिकारियों की फर्जी सील और हस्ताक्षर कर अवैध नोटिस भी बनाकर ईमेल किए गए।पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सौरभ साहू का नाम आया सामनेराजस्थान पुलिस की सीबी सीआईडी टीम ने दिनेश एमएन के डायरेक्शन में मामले में जांच करते हुए कई संदिग्धों को पकड़ा और कुछ आरोपियों की गिरफ्तारियां भी की गई। जांच के दौरान ही उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले शख्स सौरभ साहू का नाम सामने आया। देश भर की पुलिस एजेंसियों से उसे पकड़ने में सहयोग करने के लिए इस केस की डिटेल नई दिल्ली पुलिस रेंज से शेयर की। यहां पर पता चला कि सौरभ साहू कई बॉलीवुड और रीजनल फिल्म इंडस्ट्री के एक्टर और एक्ट्रेस के साथ ही कई राजनेताओं की सीडीआर (कॉल डेटा रिपोर्ट्स) व उनकी गोपनीय डिटेल निकालने के आरोप में हैदराबाद, दिल्ली और मुंबई में अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार हो चुका था। दिल्ली पुलिस की टीम ने उसके घर, परिजनों व दिल्ली में उसके दोस्तों और उसके अलग-अलग ठिकानों पर नजर रखना शुरू किया। इसे बाद पुलिस उसके सोशल मीडिया के आईपी एड्रेस के आधार पर उसका पीछा करने लगी। सौरभ साहू अपने किसी पुराने दोस्त से मिलने जैसे ही दिल्ली के महिपालपुर इलाके आया उसे दबोच लिया गया। जांच में पता चला कि सौरभ कई प्राइवेट डिटेक्टिव के लिए भी काम करता था वो क्लाइंटस के कॉल डीटेल उपलब्ध करवाता था Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation गौशालाओं में गौवंश को गर्मी और लू से बचाने के लिए जारी की एडवाइजरी राजस्थान में आचार संहिता से अब तक 1,394 से अवैध हथियार जब्त, 1,55,666 लाइसेंसी हथियार विभिन्न पुलिस थानों में जमा करवाए गए