भरतपुर, 11 दिसंबर। भरतपुर के बयाना में नर्सिंग ऑफिसर प्रवीण सिंह (27) की शादी में पारंपरिक मायरा/भात की रस्म के तहत उनके 6 मामा और नाना कैश लेकर पहुंचे और कुल 1 करोड़ 21 लाख 101 रुपए भात के रूप में भरे। यह क्षेत्र में रिकॉर्ड मायरा माना जा रहा है।
भतीजा प्रवीण लखनऊ (UP) के PJI में नर्सिंग ऑफिसर हैं और उनकी शादी करौली जिले के बड़ा गांव खटाना की रेखा (24) से हो रही है। मायरे का कार्यक्रम 10 दिसंबर को आयोजित किया गया।
परिवार और मामा की जानकारी
– प्रवीण तीन भाइयों में सबसे बड़े हैं।
– पिता हेमंत देहरादून हिमालयन हॉस्पिटल में नर्सिंग कर्मी हैं।
– छोटा भाई सौरव दिल्ली AIIMS में नर्सिंग ऑफिसर, तीसरा भाई मयंक इंजीनियर हैं।
– दादा बनय सिंह पूर्व सरपंच और सीनियर वकील रह चुके हैं।
प्रवीण के 6 मामा इस मायरे में शामिल हुए:
- वेदराम और सुग्रीव (अहमदाबाद में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय)
- भीम सिंह (नांगल दुर्गसी के सरपंच)
- बनय सिंह (सरकारी टीचर)
- दो मामा खेती-बाड़ी संभालते हैं।
– नाना रंजन पटेल करौली जिले के नांगल दुर्गसी ताली खेरा गांव के निवासी हैं।
समारोह में सभी परिजनों ने खड़े होकर कुल मायरे की घोषणा की।
मायरा/भात क्या है?
राजस्थानी संस्कृति में बहन के बच्चों की शादी पर ननिहाल पक्ष की ओर से दी जाने वाली आर्थिक भेंट को मायरा या भात कहते हैं। इसमें बहन के बच्चों के लिए कपड़े, गहने, रुपए और अन्य सामान शामिल होते हैं। यह भाई-बहन के प्रेम और बहन के घर आर्थिक संबल देने की परंपरा का प्रतीक है।
बुजुर्गों का कहना है कि इस रस्म में बहन के त्याग की भरपाई भाइयों द्वारा की जाती है। कानून के बावजूद अधिकतर बहनें इसका दावा नहीं करतीं, और यही कारण है कि भाई मायरे के जरिए सहयोग और सम्मान देते हैं।
यह भव्य मायरा और पारिवारिक एकता दोनों ही समाज में चर्चा का विषय बन गए हैं।

