24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। उदयपुर हार्टफुलनेस केन्द्र, नीरजा मोदी स्कूल परिसर, चित्रकूट नगर, उदयपुर,( राज.)में भोजन के हृदय से जुड़ाव और औषधि के रूप में शरीर को पोष्टिकता प्रदान करने के विषय पर एक रोचक कार्यशाला का आयोजन किया गया । उदयपुर हार्टफुलनेस समंवयक डॉ राकेश दशोरा ने बताया कि इस कार्यशाला की मुख्य वक्ता जामनगर, गुजरात की वैकल्पिक चिकित्सा व स्वास्थ्य परामर्श प्रदाता डॉ दीप शिखा गौर थी। प्राकृतिक चिकित्सा और योग विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त डॉ दीप शिखा, आयुर्वेद मर्म उपचार, पंच कर्म, आदिवासी उपचार, ट्रान्स थेरेपी, ट्रॉमा रिलीज, ऑरिकुलर थेरेपी, एक्यूप्रेशर, कपिंग थेरेपी, बॉडी क्लींजिंग और डिटॉक्स उपचार की प्रमाणिक विशेषज्ञ हैं ।
डॉ दीप शिखा ने अनेक कार्यशालाओं में दिल्ली, अहमदाबाद, सूरत, जयपुर, गोवा इत्यादि नगरों मे भोजन द्वारा प्राकृतिक चिकित्सा पर व्याख्यान दिये हैं। कार्यशाला मे उन्होंने बताया कि कैसे अपनी जीवन चर्या, भोजन के प्रकार, समय, प्रकृति, अवश्यकता, प्रभाव, उपलब्धता, उपयोगिता, भावना इत्यादि के चयन और संतुलन से हम अनेक रोगों से हमेशा के लिए छुट कारा पा सकते है। इससे हम अपनी आनुवंशिक बीमारियों को ठीक कर आने वाली संतानों को भी रोग मुक्ति दे सकते हैं। कार्यशाला सभी हार्टफुलनेस अभ्यसियों के लिये बहुत लाभकारी रही। कार्यशाला मे डॉ उमा ओझा, डॉ डी त्रिपाठी, डॉ रीता नागपाल, डॉ एच पी गुप्ता, डॉ अनुज कोठारी, डॉ सिद्धि इत्यादि वरिष्ठ एलोपैथी चिकित्सक, प्राकृतिक चिकित्सक डॉ राकेश दशोरा सहित 40 अभ्यसियों ने भाग लिया। डॉ दीप शिखा ने प्रेसेंटेशन के पश्चात् प्रतिभागियों के प्रश्नों का भी समाधान किया। कार्यशाला में इंडियन नेवि मे कमांडर उनके पति, श्री आशिन, श्रीमती मंजु बोरणा, मनोज अग्रवाल, डॉ.सुबोध शर्मा, , मुग्धा दशोरा एवं रंजना का सहयोग सारानीय रहा।
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