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सांसद मेवाड़ से मिलकर नन्हें बच्चों की खुशी का नहीं रहा ठिकाना, बोलीं- आपका हमारा रिश्ता कई सौ वर्षों पुराना

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24 न्यूज अपडेट. राजसमंद। राजसमंद संसदीय क्षेत्र की सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने मंगलवार को भीम-देवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रमों में भाग लेकर क्षेत्रवासियों और विद्यार्थियों के साथ अपना समय बिताया। सांसद राउमावि अजीतगढ़, राउमावि काछबली, मगारावि डालाखेड़ा, मगारावि शास्त्री नगर पहुंची। इन कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने न केवल शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने की बात कही, बल्कि विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए प्रोत्साहित भी किया। इस दौरान भीम विधायक श्री हरिसिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने विद्यालयों में आयोजित सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों की प्रतिभा निखारने के साथ-साथ उन्हें अपनी संस्कृति और मूल्यों से जोड़े रखते हैं। उन्होंने उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का भी ज्ञान दें, ताकि वे समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम के दौरान सांसद ने सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों की जानकारी दी, जो शिक्षा और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। सांसद मेवाड़ ने भीम विधायक रावत के साथ राउमावि अजीतगढ़ में डीएमएफटी फंड से नव निर्मित कक्षा कक्षों का लोकार्पण भी किया। इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने सभी उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए अपने प्रयास जारी रखने का वादा किया। सांसद श्रीमती मेवाड़ और भीम विधायक श्री रावत ने अजीतगढ़ में बायन माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि, “आप सभी के साथ संवाद करना और क्षेत्र के विकास में भागीदारी निभाना मेरा सौभाग्य है। मैं हमेशा आपके हितों के लिए समर्पित रहूंगी।“ सांसद ने कहा कि आप बच्चों को देख मुझे भी अपने बचपन की याद आ गई और नई शक्ति मिली। बच्चे ही भगवान का स्वरूप होते हैं, बच्चों से सच्चा कोई नहीं होता, हम सभी को दिल से बच्चे के जैसा होना चाहिए, सभी को सच्चे रस्ते पर चलते हुए खुश रहना चाहिए। सांसद ने कहा कि आपका हमारा लगाव सालों पुराना है, बप्पा रावल से लेकर महाराणा सांगा, प्रताप से लेकर आज तक हमारा लगाव और जुड़ाव बना हुआ है। हमारा रिश्ता पंद्रह सौ सालों से चला रहा है जो आगे भी ऐसा ही चलता रहेगा। स्वतंत्र भारत में हर व्यक्ति को अधिकार दिए गए हैं, इस देश को बनाने में सैनानियों ने बहुत योगदान दिया है, बच्चों के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है, बच्चे पढ़ेंगे लिखेंगे तो देश आगे बढ़ेगा। सरकार आज हर क्षेत्र में सर्वांगीण प्रयास कर रही है। पढ़ाई के साथ खेल कूद भी जरूरी है, यह शारीरिक विकास की कुंजी है। माता पिता के योगदान को सभी बच्चे अपने जीवन में सदैव याद रखें और बड़े बुजुर्गों का आदर करें।

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