24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। उदयसागर बांध में आयड़ की नदी से पानी की जोरदार आवक के बाद कल ही तय हो गया था कि वल्लभनगर का सरजणा बांध छलकने वाला है। लोगों ने आज जैसे ही बांध का जल स्तर 19.50 फीट को पार किया, खुशियां मनाई व नए पानी का पूजन किया। यह बांध भरना क्षेत्र में खुशहाली का प्रतीक है क्योंकि पहले पिछोला, फिर, फतहसागर, उसके बाद उदयसागर व डाउन स्ट्रीम में सरजणा बांध का नंबर आता है। अब यहां से आज से ही पानी सीधा ही बडग़ांव चित्तौड़$गढ़ के बांध में जा रहा है। बडग़ांव बांध अभी आधा खाली है। मानसून का एक और झेला लग जाए तो वह भी छलक सकता है। उसके आगे घोसुण्डा बांध के लिए भी उम्मीद बंधी है। इससे पहले आज बेड़च नदी (जो उदयसागर से पहले आयड़ कहलाती है) ने जब उम्मीद पूरी की तो लोग झूम उठे। पाल पर पानी गिरते हुए देखने वालों का मजमा लग गया। अब बेड़च नदी फिर बांध को पार कर बडग़ांव की ओर चली है। इस बांध से बहुत बड़े इलाके में सिंचाई होती है। ऐसे में किसानों में भी खुशी की लहर दौड़ गई है क्योंकि वे अब तक मानसूनी बारिश कम होने से मयूस थे। इस बीच कैचमेंट एरिया से पानी आना जारी रहने से 60 फीट गहरा आकोदड़ा बांध आज छलक व पानी सीधा मानसी वाकल बांध की ओर चल पड़ा। एक मीटर और पानी आने के बाद यह भी छलकेगा। स्वरूपसागर के चारों गेट व उदयसागर के दोनों गेट खुले हैं। बाकी सीसारमा, मदार नहर से पानी की आवक लगातार हो रही है। अलसीगढ़ स्थित देवास प्रथम बांध का गेट एक फीट खोलकर पानी को पीछोला में डायवर्ट किया जा रहा है।
सरजणाबांध छलकने से खुशी की लहर, आकोदड़ा भी छलका, अब मानसी वाकल की बारी, बडग़ांव बांध तक पहुंचा पानी

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