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सनसनीखेज हत्या की कहानी : इलेक्ट्रिशियन घर आया, हो गया प्यार, शादी के बाद अनबन, पति ने वहशी तरीके से करंट लगा कर मार दिया

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जयपुर। जयपुर में महिला की करंट से मौत के मामले में पांच दिन बाद पुलिस ने सनसनीखेज खुलसा किया है। हत्यारा महिला का पति ही निकला जिसने हेयर ड्रायर का तार निकाल कर पत्नी के तकिये के नीचे नंगे तार रख दिए। उसके बाद रात को जैसे ही पत्नी सोई, करंट से तड़प तड़प कर उसने दम तोड़ दिया। वह पांच दिन से लगातार बहाने बनाता रहा मगर पुलिस से बच नहीं सका। उसने हत्या को हादसे का रूप देने का भरसक प्रयास किया मगर बात नहीं बन पाई। आरोपी ने पैसों के लालच में आकर यह शादी की थी, लेकिन जब कुछ नहीं मिला और पत्नी के साथ अनबन होनी लगी तो आरोपी परेशान हो गया। जब पत् नी ने उसके माता-पिता के नाम पर गाली दी तो उसने हत्या की ठान ली। पुलिस ने आरोपी पति सुनील कुमार (22) पुत्र मलुराम निवासी गोपालगंज (बिहार) को बिंदायका थाना को गिरफ्तार किया है। वह पत्नी आरती गुप्ता (38) के साथ सिरसी बिंदायका स्थित वैशाली उत्सव एस्टेट सोसाइटी में रह रहा था। आरती कुछ दिन पहले तक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थी। सालभर पहले ही दोस्ती हुई व मंदिर में शादी की। आरोपी सुनील से पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह वैशाली उत्सव एस्टेट सोसाइटी में इलेक्ट्रिशियन और प्लंबर का काम करता है। सोसाइटी में चौथे फ्लोर फ्लैट में आरती गुप्ता रहती थी। एक साल पहले आरती के फ्लैट में इलेक्ट्रिक काम करने गया। इस दौरान आरती के मोबाइल नंबर ले लिए। मैसेज का आदान प्रदान हुआ और दोस्ती प्यार में बदल गई। सुनील को लगा कि आरती खूब पैसों वाली है उसकी जिंदगी आराम चल जाएगी। पैसों के लालच में आरती के उम्र में बड़ा होने के बावजूद शादी करने का निर्णय कर लिया। करीब 6 महीने पहले मंदिर में एक-दूसरे को वरमाला पहना आरती और सुनील विवाह बंधन में बंध गए। जब आरती के घर पर इस शादी का पता चला तो आरती के पेरेंट्स ने उसे स्वीकार कर लिया। आरती के साथ सुनील भी फ्लैट में रहने लगा। आरती ने शादी के बाद स्कूल में टीचर की जॉब छोड़ दिया। अब सुनील का हाथ और अधिक तंग हो गया। सुनील ने कहा कि शादी के बाद पैसे तो नहीं मिले, लेकिन आरती लगातार टॉर्चर करने लगी। बड़ी उम्र की होने तथा छोटी-छोटी बातों को लेकर झगडऩे पर वह परेशान हो उठा। 12 अक्टूबर की शाम को कहासुनी हुई। आरती ने उसे और उसके मां-बाप को गालियां दीं। इस पर मर्डर करने का मन बना लिया। 12 अक्टूबर की रात को प्लान के अनुसार जब आरती बेडरूम में सो रही थी तो वह जाग रहा था। रात 12 बजे बाद आरती नींद में बेडरूम से उठकर बाथरूम तक गई। सुनील ने हेयर ड्रायर उठाया और उसको तोडक़र मुंह से तार निकाल दिए। तारों को आरती के तकिए के पास सेट कर दिया। दूसरे सिरे को बिजली के सॉकिट में जोड़ दिया। इसके बाद उसने बेडरूम में लाइट बंद कर दी। थोड़ा देर में जब आरती वापस आई और जैसे ही वह तकिये पर लेटी, आरती के जोर से करंट के झटके लगे। उसको चीखने का मौका तक नहीं मिला। सीधे सिर पर करंट से वह तड़पने लगी। सुनील फ्लैट से बाहर आकर लॉबी में घूमने लगा। 30 मिनट बाद फ्लैट में जाकर देखा तो आरती मर चुकी थी। इसके बाद उसने प्लग से तार हटाया। हत्या को हादसा बताने के लिए सुनील आरती के शव को घसीटते हुआ बाथरूम में ले गया। वहां पर उल्टा पटक दिया। हेयर ड्रायर का तार लगाकर आरती के हाथ पर दोबारा करंट लगाया व चेक किया। मरने की तसल्ली करने के बाद हेयर ड्रायर लगाकर छोड़ दिया और बाथरूम का गेट बंद कर दिया। अगले दिन सुबह आरती का मोबाइल लिया और अलवर के लिए कैब बुक करवा ली। सुबह 6 बजे कैब आई और वह फ्लैट को लॉक कर चला गया। अलवर जाने के बाद आरती के परिजन से फोन पर कहा कि आरती बार बार फोन करने पर भी मेरा फोन नहीं उठा रही है। इस पर 14 अक्टूबर रात को आरती के परिजन बिंदायका थाने गए। कहा कि पति सुनील काम से बाहर गया है। आरती फोन नहीं उठा रही। फ्लैट भी बंद है। परिजन पुलिस लेकर फ्लैट पर आए। गेट तोडक़र देखा तो बेडरूम का पंखा चालू था। गेट खोलकर देखा तो आरती अद्र्धनग्न हालत में मरी पड़ी थी। शरीर जलकर काला पड़ चुका था। फर्श पर घसीटने के निशान थे। पुलिस ने आरती की संदिग्ध मौत के साथ हत्या का अंदेशा जताया।
इसके बाद अलवर से लौटते ही पुलिस ने सुनील को पकड़ लिया। सुनील ने कहा कि रात को दोनों हंसी-खुशी से बात कर रहे थे। अलवर जाने के लिए सुबह आरती ने खुद अपने मोबाइल से उसके लिए कैब बुक करवाई। फ्लैट के गेट तक उसे छोडक़र गई थी। लेकिन पुलिस के सामने कहानी काम नहीं आई।

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