24 न्यूज अपउेट उदयपुर। उदयपुर के शहीद मेजर मुस्तफा को शौर्य चक्र की घोषणा होने के बाद से पूरे मेवाड़ में उल्लास का माहौल है। वीरों की धरती के मातृभूमि के लिए शहीद होने वाले इस लाल के शौर्य और उनके जीवन प्रसंगों का हर जिक्र हम सबका भावुक कर रहा है। मेजर मुस्तफा की याद में आंखें नम हैं और सिर गर्व से उंचा। आज हमने बात की मेजर मुस्तफा के माता-पिता से तो उन्होंने कहीं कई दिल को छू लेने वाली बातें। मेजर मुस्तफा की मां ने उनके जीवन के छोटे-छोटे प्रसंगों को इतना सहेज कर रखा है कि मानों मेजर मुस्तफा बस यहीं कहीं हम सबके बीच, हम सबके आस-पास हो। उन्होंने कहा कि बेटे को शौर्य चक्र मिलना हम सबके लिए गौरव की बात है। यह सम्मान या तो शूरवीर को मरणोपरांत दिया जाता है या फिर उनके किसी अदम्य साहसपूर्ण कार्य के लिए जीवन काल में दिया जाता है। मैं राष्ट्रपति भवन जाऊंगी तो ऐसे बहुत सारे शूरवीर मेरे बेटे की तरह ही होंगे जो मिलेंगे। इन चमकते हुए सितारों के मां-बाप से मिलना, उन सितारों से मिलने का मुझे बेताबी से इंतजार है। मैं 5 तारीख का सच कहूं तो बहुत ज्यादा ही इंतजार कर रही हूं। जो सितारे अभी हैं, उन सितारों से मुझे गले लगने का और मिलने का मौका मिलेगा। मेरा बेटा हमेशा मुझे बहुत प्यार से रखता था सम्मान करता था। मुस्तफा के साथ मैं हर समय रही हू। मुझे इस बात की भी खुशी है। जब वह एनडीए में था तो सबसे ज्यादा एनडीए में जाने वाली पेरेंट्स में ही गिनी जाती हूं अब तक क्योंकि वहां पर बहुत कम ही अवसरों पर पेरेंट्स जाते हैं बच्चों से मिलते हैं। अमुमन कई पेरेंट्स तो पासिंग आउट पीरियड पर ही जा पाते हैं। लेकिन मैं मुस्तफा की कोई एक छुट्टी भी होती थी तो उसके पास एनडीए में पहुंच जाती थी, सिर्फ इतना था कि मैं उससे मिलूंगी और उसको गले लगाउंग,,,,। मेजर मुस्तफा बोहरा अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी दर्रों में सीक्रेट मिशन के दौरान हेलिकॉप्टर क्रेश हो जाने से देश सेवा करते-करते शहीद हो गए थे। इसी कुर्बानी का सम्मान करते हुए मेजर मुस्तफा बोहरा को मरणोपरांत शौर्य चक्र राष्ट्रपति द्वारा यह सम्मान मुस्तफा की मां फातेमा, पिता जकीउद्दीन और बहन डॉ. अलीफिया मुर्तजा अली को दिया जाएगा।
शहीद मेजर मुस्तफा की मां बोली- दिल्ली जाने और उन सितारों से मिलने की मुझे बेताबी से इंतजार….

Advertisements
