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– सरकार से जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग
उदयपुर। यूआईटी से नगर निगम को हस्तान्तरित 272 भूखण्ड जो लापता है उनका मामला शुक्रवार को एक बार फिर से विधानसभा में शहर विधायक ताराचंद जैन ने उठाया। जैन ने कहा इस मामले में तीन छोटे कर्मचारियों को नोटिस दिया गया पर इन भूखण्डों के पट्टे जारी करने वाले तत्कालीन आयुक्त के खिलाफ आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। विधायक जैन ने सरकार से इस करोड़ों के इस गबन की जांच करवाने की मांग की है।
यूआईटी (अब यूडीए) से नगर निगम को समय-समय पर कॉलोनियां हस्तांतरित की जाती है और इन कॉलोनियों के हस्तान्तरण के साथ-साथ इन कॉलोनियों में खाली पड़े यूआईटी के भूखण्ड भी निगम को मिल जातेे है, जिनमें से 272 भूखण्ड गायब है। इसी को लेकर शहर विधायक ताराचंद जैन ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया। विधायक जैन ने कहा कि यह 500 करोड़ से अधिक का घोटाला है और केवल 49 भूखण्डों को संदिग्ध माना है। विधायक जैन ने कहा कि तत्कालीन निगम आयुक्त हिम्मत सिंह बारहठ ने भूमाफियाओं से मिलीभगत की। 272 भूखण्डों के गायब होने का मामला सामने आया तो महापौर ने एक जांच कमेटी गठित की, जिसमें तीन पार्षदों और तीन अधिकारियों को शामिल किया गया। जांच कमेटी ने आनन-फानन में एक रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट पर केवल अधिकारियों के ही हस्ताक्षर थे। जिसमें बताया कि 316 पत्रवालियों की जानकारी नहीं थी और 49 भूखण्डों को संदिग्ध माना था। साथ ही इस रिपोर्ट में लिखा कि यूआईटी जांच कर बताएगी। विधायक जैन ने कहा कि जब यूआईटी से पूछा तो उन्होंने बताया कि निगम से इस तरह का कोई पत्र आया ही नहीं। विधायक ने कहा कि निगम के जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे छिपाने के लिए यूआईटी को पत्र लिखा ही नहीं। शहर विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि इस मामले में तीन छोटे अधिकारियों को 16 सीसी का नोटिस दे दिया, जबकि जिम्मेदार आयुक्त होता है उसे कुछ नहीं कहा गया। विधायक जैन ने विधानसभा को बताया कि इस मामले में एसओजी में एफआईआर दर्ज है पर दो साल से जांच पेंडिंग है। विधानसभा में विधायक ताराचंद जैन ने स्वायत्त शासन मंत्री से कहा कि इस संबंध में सारे दस्तावेज उनके पास है और वे इन दस्तावेजों को उपलब्ध करवा देंगे। साथ ही विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि इस पर कठोर कार्यवाही करें और निष्पक्ष जांच करवाकर नीचे से लेकर उपर के अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करें।
अधिकारियों की मिलीभगत से कट रही पहाडिय़ां
विधानसभा में शहर विधायक ताराचंद जैन ने उदयपुर शहर के आस-पास कट रही पहाडिय़ों का मुद्दा भी उठाया। विधायक जैन ने कहा कि उदयपुर शहर के आस-पास 43 पहाडिय़ां है और इसमेंसे 21 पहाडिय़ां कट गई। ये सभी अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। कार्यवाही के नाम पर कभी मशीन जब्त करते है तो कभी पैसे ले लेते है। विधायक जैन ने सरकार से इन पहाडिय़ों की रक्षा के लिए एक नियमावली बनाकर संरक्षित करने की मांग की।
– विधायक जैन ने सविना ओवरब्रिज के पास स्थित जमीन के आवंटन पर कहा
यूआईटी की करोड़ों की जमीन 1.35 लाख में दे दी निगम आयुक्त ने – विधायक जैन
– ऐसे अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग
उदयपुर। उदयपुर शहर विधायक ने विधानसभा में मुद्दा उठाया कि नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त ने यूआईटी की करोड़ों की 4115 फीट जमीन को मात्र 1.35 लाख रूपए में भूमाफिया को दे दी, जबकि यहां से रेल्वे अण्डर ब्रिज और 150 फीट सडक़ प्रस्तावित है और हाल में रेल्वे ने यहां पर दोहरी लाईन बिछाने की स्वीकृति दी है।
उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने विधानसभा में कहा कि नगर नगम ने पानेरियों की मादड़ी क्षेत्र में सविना ओवरब्रिज के पास में स्थित यूआईटी की जमीन को भूमाफियाओं को आवंटित कर दी। विधायक जैन ने कहा कि रेल्वे पटरी से 30 फीट अंदर की जमीन का आवंटन तीन अलग-अलग पट्टों में किया गया, जबकि रिपोर्ट में रेल्वे पटरी से 38 फीट होने पर आवंटित नहीं करने का लिखा था, फिर भी आवंटित कर दी, जबकि यहां पर रेल्वे अण्डर ब्रिज और 150 फीट सडक़ प्रस्तावित है। यूआईटी इस जमीन के लिए 2012 से उच्च न्यायालय में लड़ रही है और 2024 में उच्चतम न्यायालय ने उसे अतिक्रमी माना है। नगर निगम के आयुक्त ने भूमि दलालों को फायद पहुँचाने के लिए करोड़ों रूपए मूल्य की 4115 फीट मात्र 1 लाख 35 हजार 934 रूपए में आवंटित कर दी, वह भी व्यावसायिक प्रयोजनार्थ। इस जमीन पर रेल्वे ने दोहरी लाईन बिछाने की स्वीकृति दी है। जब रिपोर्ट सामने आई तो जिसे जांच के लिए कलेक्टर को भेजी तो उन्होंने भी रिपोर्ट ठंडे बस्ते में डाल दी। शहर विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि इस संबंध में सारे दस्तावेज उनके पास है और वे इन दस्तावेजों को संबंधित मंत्री को उपलब्ध करवाएंगे। इस पर कार्यवाही की जाए। विधायक जैन ने नगरीय विकास मंत्री से आग्रह किया कि वे इस पर कठोर कार्यवाही करें।
विधानसभा में फिर शहर विधायक ने फिर उठाया 272 भूखण्डों के गबन का मामला
छोटे कर्मचारियों को नोटिस, पर तत्कालीन आयुक्त पर कार्यवाही नहीं – जैन

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