24 न्यूज़ अपडेट चित्तौड़गढ़। साहित्य संस्कृति के संस्थान संभावना द्वारा ‘स्वतन्त्रता सेनानी रामचन्द्र नन्दवाना स्मृति सम्मान’ की घोषणा कर दी गई है। संभावना के अध्यक्ष लक्ष्मण व्यास ने बताया कि वर्ष 2024 के लिए ‘स्वतन्त्रता सेनानी रामचन्द्र नन्दवाना स्मृति सम्मान’ प्रयागराज निवासी प्रसिद्ध लेखक प्रताप गोपेन्द्र को उनकी चर्चित कृति ‘चन्द्रशेखर आज़ाद : मिथक बनाम यथार्थ’ के लिए दिया जाएगा। व्यास ने बताया कि गोपेन्द्र ने इस पुस्तक में अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद के जीवन के ज्ञान -अज्ञात अनेक पक्षों के आलोक में अध्ययन किया है जिससे महान स्वतन्त्रता सेनानी और क्रन्तिकारी आज़ाद को नयी पीढ़ी और गहराई से जान समझ सकेगी।वाराणसी निवासी वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार प्रो काशीनाथ सिंह, जयपुर निवासी वरिष्ठ लेखक डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल और धौलपुर निवासी इतिहासकार प्रो रचना मेहता की चयन समिति ने सर्व सम्मति से इस कृति को सम्मान के योग्य पाया। काशीनाथ सिंह ने वक्तव्य में कहा कि प्रताप गोपेन्द्र उन युवा लेखकों में हैं जो इतिहास और साहित्य में आवाजाही कर अपनी कृतियों को जनोपयोगी बना देते हैं। उन्होंने अपनी किताब में नये तथ्यों को जुटाने का महत्त्वपूर्ण उद्यम किया है जिससे आज़ाद जैसे क्रन्तिकारी के जीवन पर नयी रौशनी पड़ती है। डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल ने अपनी अनुशंसा में कहा कि भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के योद्धाओं को गहराई से जानना हमेशा आवश्यक रहेगा क्योंकि ऐसे योद्धाओं के महान समर्पण और त्याग से हमें आज़ादी मिली है। ऐसे राष्ट्रीय नायक की नयी जीवनी लिखने के लिए गोपेन्द्र की प्रशंसा की जानी चाहिए। इतिहासविद प्रो रचना मेहता ने कहा कि हिन्दी भाषा माध्यम में लिखी जाने वाली इतिहास की पुस्तकों में शोध की कमी की शिकायत करने वालों को प्रताप गोपेन्द्र की यह कृति महत्त्वपूर्ण और मूल्यवान लगेगी। यह कृति गहरे शोध और उत्तम भाषा का अनूठा संगम है।व्यास ने बताया कि ‘स्वतन्त्रता सेनानी रामचन्द्र नन्दवाना स्मृति सम्मान’ में कृति के लेखक को ग्यारह हजार रुपये, शाल और प्रशस्ति पत्र भेंट किया जाता है। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ में दिसम्बर माह में आयोज्य समारोह में विगत वर्षों के सम्मानित लेखकों के साथ गोपेन्द्र को आमंत्रित किया जाएगा।संभावना द्वारा स्थापित इस पुरस्कार के संयोजक डॉ कनक जैन ने बताया कि राष्ट्रीय महत्त्व के इस सम्मान के लिए इस वर्ष स्वतन्त्रता आन्दोलन से सम्बंधित कृतियों की अनुशंसा माँगी गई थी जिसमें देश भर से कुल बाइस कृतियां प्राप्त हुई थीं। प्राप्त कृतियों के मूल्यांकन के आधार पर चयन समिति ने अपनी अनुशंसा में ‘चन्द्रशेखर आज़ाद : मिथक बनाम यथार्थ’ को श्रेष्ठतम कृति घोषित किया। डॉ जैन ने बताया कि उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में 1982 में जन्मे गोपेन्द्र ने भारतीय पुलिस सेवा में रहते हुए अनेक पुस्तकें लिखी हैं जिनमें ‘इतिहास के आईने में आजमगढ़’ तथा ‘1857 के अमर नायक राजा जयलाल सिंह’ प्रमुख हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सेंती में तेजा दशमी महोत्सव एवं किसान सम्मेलन का आयोजन, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा हुए शामिल सांवलियाजी में जलझूलनी एकादशी मेले का रविवार को हुआ समापन, दिव्यांगों को मोटोराईज्ड स्कूटी वितरण एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह आयोजित