24 न्यूज़ अपडेट उदयपुर। तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी के नवाचारों के माध्यम से राजस्थान विधानसभा को देश की एक श्रेष्ठ विधानसभा बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में जारी विधानसभा सत्र के दौरान इन नवाचारों का सकारात्मक असर देखने को मिला है। अगले सत्र से विधानसभा के कामकाज पूरी तरह पेपर लेस कर दिए जाएंगे। यह बात राज्य विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने अपने उदयपुर प्रवास के दौरान मंगलवार को सर्किट हाउस में मीडिया के साथ चर्चा के दौरान कही।विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा की सभी 200 सीटों पर आईपैड टैबलेट लगाए गए हैं। सदस्यों को उनके उपयोग के बारे में विधिवत प्रशिक्षण दिया गया है। वर्तमान सत्र का अधिकांश कार्य इन्हीं के माध्यम से ऑनलाइन किया जा रहा है। सदन में 12 टेक्नीशियन तैनात किए गए हैं जो सदस्यों को किसी भी प्रकार की तकनीकी मदद के लिए तत्पर रहते हैं। प्रयास किये जा रहे हैं कि सभी सदस्य ऑनलाइन कार्यप्रणाली में प्रवीण हो जाए एवं पूरा सदन पेपरलेस तरीके से चलने लगे। अभी तक की प्रगति को देखते हुए अगले सत्र में विधानसभा के कार्य शत प्रतिशत पेपरलेस हो जाने की उम्मीद है। सर्किट हाउस में पूर्व उप महापौर पारस सिंघवी, समाजसेवी मांगीलाल जोशी, गजपाल सिंह, पुष्कर तेली सहित कई गणमान्य लोगों ने विधानसभाध्यक्ष का स्वागत किया। बच रहा समय, हो रही सुविधादेवनानी ने कहा कि पेपरलेस व्यवस्था से सदस्यों को काफी सुविधा हो रही है एवं समय की बचत हो रही है। सदस्यों को अपने प्रश्नोंके ऑनलाइन उत्तर मिल जाने से वे सीधे ही पूरक प्रश्न कर रहे हैं इससे विधानसभा की उत्पादकता में वृद्धि हो रही है। इसके अलावा सदस्यों को दो तीन दिन की बजाय उसी दिन शाम को कार्यवाही का फुटेज उपलब्ध करवाया जा रहा है। कार्यपालिका का विधायिका के प्रति उत्तरदायित्व बढ़ादेवनानी ने कहा कि इस बात के पूरे प्रयास किया जा रहे हैं की विधानसभा सदस्यों द्वारा पटल पर रखे गए सभी प्रश्नों के उत्तर समय पर मिल सके। उच्चाधिकारियों को इस बात से अवगत कराने के पश्चात पूर्ववर्ती विधानसभाओं के अनुत्तरित पांच हजार प्रश्नों में से अब सिर्फ बारह सौ प्रश्नों के उत्तर आना बाकी रह गए हैं। पिछले बजट में पटल पर रखे गए दस हजार में से नौ हजार दो सौ पचास प्रश्नों के उत्तर प्राप्त हुए जो कि लगभग 92 प्रतिशत हैं। जल्द ही यह आंकड़ा 95ः तक पहुंच जाएगा। अब ध्यान आकर्षण प्रस्ताव एवं याचिका आदि के उत्तर भी प्राप्त होने लगे हैं। अनुशासन पर विशेष जोरश्री देवनानी ने कहा कि विधानसभा अपनी परंपरा नियम एवं सिद्धांतों से चलेगी। इसके सुचारू संचालन के लिए सत्र से पूर्व सर्वदलीय बैठक के परिणाम भी सकारात्मक प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अधिकार है जिससे जनता के मुद्दों को पूरी संवेदनशीलता के साथ पटल पर रखा जा रहा है। सदन में अनुशासन बनाए रखना अति महत्वपूर्ण है, अतः हल्के आचरण करने वाले सदस्यों पर पहले भी कड़ी कार्रवाई की गई थी और आगे भी ऐसा करने वालों को के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से की शिष्टाचार भेंट कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रपति अभिभाषण में 20 सालों में केवल तीन बार आदिवासी शब्द का उपयोग किया, मोदी ने एक साल में 10 बार : मन्नालाल रावत