उदयपुर-राजसमंद केसरी दंगल में पलछीन जाट, रंजीत सरदार और कृष्णा चौहान बने चैंपियन24 News Update उदयपुर, 31 मई। स्व. अंबालाल चौधरी की स्मृति में आयोजित उदयपुर-राजसमंद केसरी कुश्ती दंगल में लक्ष्मण उस्ताद-अर्जुन उस्ताद अखाड़े के पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जनरल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। महिला, किशोर, कुमार वर्ग में भी अखाड़े के पहलवानों का दबदबा देखने को मिला। महिला वर्ग में पलछीन जाट ने उत्कृष्ट कौशल का प्रदर्शन करते हुए चतुर्भुज व्यायाम शाला की पहलवान नंदनी जोशी को बैक साल्टो दांव से परास्त कर 10–0 के स्कोर से ‘उदयपुर महिला केसरी’ का खिताब जीता। वहीं, साथी अखाड़े की लक्षिता और साजिया शेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।किशोर केसरी खिताब पर कृष्णा चौहान का कब्ज़ाकिशोर वर्ग में लक्ष्मण-अर्जुन अखाड़े के कृष्णा चौहान ने चतुर्भुज व्यायाम शाला के मनीष नटवंश को 12–2 के स्कोर से टेक्निकल सुपीरियॉरिटी के आधार पर पराजित कर खिताब अपने नाम किया।कुमार केसरी बने रंजीत सरदाररंजीत सरदार ने ‘कुमार’ वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए चतुर्भुज व्यायाम शाला के पंकज ओड को 10–0 से हराकर टेक्निकल सुपीरियॉरिटी से ‘उदयपुर कुमार केसरी’ का खिताब जीता।अन्य विजेता व प्रदर्शनराजसमंद केसरी: करण खोखावत – तृतीय स्थानबाल पद्मिनी महिला वर्ग: वंशिका कलाल – द्वितीय, वर्षा गायरी और आंचल कुमारी – तृतीय65 किलोग्राम वर्ग: गर्वित राजोरा – तृतीय50 किलोग्राम वर्ग: मोहम्मद जीशान – तृतीय45 किलोग्राम वर्ग: करण राजपूत – द्वितीय40 किलोग्राम वर्ग: लक्ष्यराज गायरी – तृतीय35 किलोग्राम वर्ग: दक्ष मोदी – द्वितीयआयोजन में अनेक गणमान्य उपस्थितइस दंगल प्रतियोगिता में कुश्ती प्रेमियों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। प्रमुख उपस्थिति में रहे: सुधीर बक्शी, आर.के. धाय भाई, मांगीलाल कटारिया, शकील हुसैन, दीपक राजोरा, नरेश पाल सिंह, डॉ. धर्मेंद्र राजोरा, खेल अधिकारी डॉ. हिमांशु राजोरा, गौरीशंकर वसीटा, देवेंद्र साहू, संजीव मलिक, महेंद्र राजोरा, अजय मोदी, सतीश चौधरी, यशवंत राजोरा, भेरू सिंह रावत, कौशल नागदा, मानसी बागड़ी (NIS कोच), रफीक मोहम्मद, अहद अहमद, ईशा बागड़ी, भावेश चौहान, पर्वत सिंह, नरेश कुमावत आदि। कार्यक्रम का सफल संचालन और आयोजन लक्ष्मण उस्ताद-अर्जुन उस्ताद अखाड़े के संचालक डॉ. हरीश राजोरा के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के युवाओं को स्वास्थ्य, अनुशासन और खेलभावना के प्रति जागरूक करते हैं तथा पारंपरिक कुश्ती को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation झूठ का धुआं, फरेब का गुबार, तंबाकू लाइसेंस खुद देती है सरकार और हर साल आज के दिन मनता है “तंबाकू निषेध दिवस” बीटेक के दो छात्र ट्रक की चपेट में आए, मौके पर ही मौत; एक था इकलौता बेटा