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रैगिंग में 300 उठक-बैठक करवाई, किडनी और लीवर डैमेज, 50 से अधिक स्टूडेंट की रैगिंग का आरोप, 7 सस्पेंड

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24 न्यूज अपडेट. डूंगरपुर। मेडिकल कॉलेज डूंगरपुर में रैगिंग का बड़ा मामला सामने आया है। प्रिंसिपल एस बाला मरगुनवेलू की ओर से पुलिस को रिपोर्ट दी गई है कि डेढ़ महीने पहले 15 मई को मेडिकल कॉलेज के फर्स्ट ईयर एमबीबीएस के स्टूडेंट के साथ रैगिंग सेकेंड ईयर एमबीबीएस के सीनियर स्टूडेंट देवेंद्र मीणा, अंकित यादव, रविंद्र कुलरिया, सुरजीत, विष्णेंद्र धायल, सिद्धार्थ परिहार और अमन रागेरा ने की। इन्होंने स्टूडेंट को कॉलेज के पास पहाड़ी पर बुलाया। उसकी रैगिंग करते हुए 300 से ज्यादा उठक-बैठक करवाई जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसका डूंगरपुर के हॉस्पिटल में उपचार किया गया मगर तबीयत में सुधार नहीं हुआ। परिवारजन तबीयत बिगड़ती देख कर गुजरात ले गए। वहां पर जांच में पता चला कि स्टूडेंट की किडनी और लीवर पर असर हुआ है। वहां पर उसे 4 बार डायलिसिस करना पड़ा। अब इस मामली में प्रिंसिपल ने सख्त एक्शन लेते हुए रैगिंग लेने वाले सभी 7 स्टूडेंट को सस्पेंड कर दिया है। प्रिंसिपल की रिपोर्ट पर सदर थाना पुलिस ने 7 स्टूडेंट के खिलाफ रैगिंग का केस दर्ज किया है। पीड़ित स्टूडेंट हर्षित खन्ना ने पुलिस को बताया कि फर्स्ट ईयर के 50 से ज्यादा स्टूडेंट के साथ रैगिंग की गई। सेकेंड ईयर के 40 सीनियर स्टूडेंट ने सभी जूनियर स्टूडेंट से उठक-बैठक करवाई। उसकी और 4 अन्य की तबीयत इस दौरान खराब हो गई जिसे बाद में भर्ती करवाना पड़ा। उसकी ओर से आरोपी स्टूडेंट के खिलाफ 20 जून को एंटी रैगिंग कमेटी से शिकायत की गई। कमेटी ने 25 जून तक जांच रिपोर्ट दी जिसके आधार पर कॉलेज प्रशासन ने 25 जून को केस दर्ज करवाया है। प्रिंसिपल एस.बाला मरगुनवेलू के अनुसार सभी 7 विद्यार्थियों को सस्पेंड कर एफआईआर दर्ज करवाई गई है।

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