24 न्यूज अपडेट उदयपुर। जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड टू बी विश्वविद्यालय के संघटक नर्सिंग विभाग की ओर से शुक्रवार को प्रतापनगर स्थित आईटी सभागार में युवाओं को धुम्रपान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत, कुल प्रमुख भंवर लाल गुर्जर, पीठ स्थविर डाॅ. कौशल नागदा, मुख्य वक्ता डाॅ. पीसी जैन, आईटी निदेशक प्रो. मंजू मांडोत, कोर्डिनेटर मुकेश चैधरी ने माॅ सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया। प्रारंभ में मुकेेश चैधरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम की जानकारी दी।अध्यक्षता करते हुए प्रो. सारंगदेवोत ने युवाओं का आव्हान किया कि वे बुरी आदतों से बचे। युवा समाज, राष्ट्र की धरोहर है। देश की उन्नति के लिए व्यसन मुक्त भारत जरूरी है, लाखों योनिया पार कर मनुष्य जीवन मिलता है इसे व्यर्थ में न गवाये। किसी व्यक्ति को नशे की लत लग जाने पर उससे पुनः निकलना बड़ा मुश्किल होता है।मुख्य वक्ता जिला व्यसनमुक्त भारत के सदस्य, वरिष्ठ चिकित्सक व जल मित्र डॉक्टर पीसी जैन ने कहा कि नशा छोड़ने में नशे के रोगी को तीन तरह के डर हमेशा सताते रहते हैं। पहला मैं नशा छोड़ने के समय होने वाले विड्रॉल सिम्टम्स अर्थात विदाई के दर्दों को कैसे सहन करूंगा, दूसरा नशा छुड़ाने हेतु न जाने कैसा इलाज होगा कहीं इलेक्ट्रिक शॉक ना लगाना पड़ जाए, तीसरा कहीं दूसरे लोगों को इसका पता ना लग जाए। इन तीनों डरो को नर्स जो कि रोगी के संपर्क में अधिक समय रहती है उसे भावात्मक रूप से इन डरो से दूर कर सकती है जिससे नशा मुक्त होने में रोगी का आत्मविश्वास बढ़ जाता है। प्रारंभ में नशा क्यों होता है इसके 12 एफ, नशा छुड़ाने के भी सात डी, और नशे के रोगी से बात करने के पांच ऐ के बारे में विस्तार से समझाया। सभी तरह के नशे शराब ,तंबाकू, अफीम ,गांजा , एम डी के बारे में संक्षिप्त जानकारी डॉक्टर पीसी जैन ने सबको दी। तंबाकू चाहे वह चबाने वाली हो या धूम्र पान करने वाली हो को उन्होंने दीमक की तरह घातक माना । दिन में कुछ समय मोबाइल- व्रत रखने का सभी से आग्रह किया गया।नशा छुड़ाने हेतु एक एक्सरसाइज सभी से करवाई और अंत में नशा गीत एवं नृत्य भी किया गया। सभी ने नशा न करने का संकल्प लिया एवं हर माह कम से कम दो नशावान को नशा मुक्त करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में नर्सिंग समन्वयक मुकेश चैधरी, अंकिता कँवर, डिम्पल आमेटा , जिगिशा मुर्डिया सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। संचालन सुश्री ज्योति जोशी ने किया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 28 जून 1993 को मुखर्जी चौक से सवीना सब्ज़ी मंडी शिफ्ट हुई थी, मनाई वर्षगांठ मानव सभ्यता पर्यावरण पर आश्रित – प्रो. सारंगदेवोत (जलवायु परिवर्तन का जैव विविधता पर प्रभाव विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन )