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यह कैसा प्रदर्शन, डीवाईएसपी का गिर गया स्टार, चौकी प्रभारी की नेम प्लेट गायब,…….क्या ऐसे मिलेगा छात्रसंघ चुनाव का हक

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24 न्यूज अपडेट उदयपुर। उदयपुर में आज छात्रसंघ चुनाव करवाने के लिए हुआ प्रदर्शन अपनी लक्ष्मण रेखा पार करता हुए नजर आया। छात्रसंघ चुनाव को लेकर कलक्ट्रेट पर जोशीली नारेबाजी और पुलिस से धक्का-मुक्की व मीडिया के सामने फोटोजनिक रस्साकशी तक तो मामला ठीक था लेकिन जिस तरह की हॉट टॉक व उसके बाद के नजारे देखने को मिले उससे यह सवाल उठ खड़ा हुआ कि क्या इस तरह से व इन्हीं तेवरों से छात्रसंघ चुनाव होंगे। डबल इंजन की सरकार में भाजपा विचारधारा के छात्र नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान अपनी ही राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए चुनाव नहीं करवाने पर और जंगी प्रदर्शन की चेतावनी दे डाली। इस प्रदर्शन के दौरान ऐसा कुछ हुआ जो पहली बार हुआ जिसे जोश-जोश में हुई बात के पैमाने पर भी अनुचित ही कहा जा सकता है। डीवाईएसपी छगन पुरोहित की वर्दी से भीड़भाड़ में स्टार गिर गया तो चौकी प्रभारी रामकुमारजी की नेमप्लेट धक्का-मुक्की व रस्साकशी में गायब हो गई। पुलिस ने इस पर भी संयम रखा व कोई सख्त एक्शन नहीं लिया। हालांकि जब मीडिया ने छात्रों से पूछा तो उन्होंने अपने बर्ताव पर खेद जताया व कहा कि जोश में ऐसा होता है। रौनकराज ने कहा कि चुनाव बंद है कोई सुध लेने वाला नहीं है। छात्र आक्रोषित है। भाजपा सरकार जल्दी से चुनवों का ऐलान करवाए। छात्रों के ऐसे तवरों पर अविनाश कुमावत ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाए तो हमारा आक्रोष स्वाभाविक है। सरकार गिरने की स्थिति आ जाए यह भी हो सकता है। छात्र रोष में हैं। पुलिस प्रशासन की इज्जत करते हैं मगर हमारी बात आ जाएगी तो सबको तकलीफ होगी। चाहे सीएम हो या पीएम हो, सबको झेलना पडेगा। हमको तकलीफ होगी तो सबके तकलीफ होगी। इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि छात्रों के बीच अपने-अपने नेताओं के पक्ष में नारेबाजी करते हुए उनके नाम पर जमकर नारेबाजी करते हुए धूम मचाने की होड़ मची रही। आपको बता दें कि पिछली गहलोत सरकार ने चुनावी साल होने से छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाए थे क्योंकि सरकार को चुनावी नतीजों के प्रभावित होने का डर था। इस बार छात्रसंघ चुनाव होने की पूरी संभावना है क्योंकि लोकसभा चुनाव निपट चुके हैं व निकाय चुनावों से इन चुनावों का कोई लेन-देना नहीं हैं। आम तौर पर एडमिशन प्रक्रिया के आस-पास ही छात्रनेता अपनी फिल्डिंग जमाना शुरू कर देते हैं व उसके बाद कभी फीस को लेकर तो कभी छात्र. समस्याओं, सुविधाओं आदि को लेकर आंदोलन होते हैं। कोई इस दौरान भूख हड़ताल का सहारा लेता है तो कोई जंगी प्रदर्शन कर शक्ति प्रदर्शन करता है। उदयपुर में छात्र संगठन काफी सक्रिय रूप से राजनीतिक करते हैं व उनके पीछे राजनीतिक दलों का भी पूरा बेकअप रहता है जिससे माहौल गर्म ही रहता है।

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