24 न्यूज अपडेट. नेशनल डेस्क। ममता कुलकर्णी बनीं महामंडलेश्वर, अब साध्वी के रूप में नया अध्याय आरंभ किया है। ममता ने किन्नर अखाड़े में शामिल होकर संन्यास की दीक्षा ली। उन्होंने संगम के पवित्र तट पर पिंडदान और स्नान किया। पट्टाभिषेक में दूध, घी, शहद, दही और शक्कर से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। परिवार और सांसारिक संबंध त्याग किया। महामंडलेश्वर बनने के लिए परिवार और सांसारिक जीवन का त्याग करना अनिवार्य है। किन्नर अखाड़े का नेतृत्व और समर्थन मिला है। ममता ने किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी से आशीर्वाद लिया और इस नई भूमिका के लिए मार्गदर्शन प्राप्त किया। अध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत ममता कुलकर्णी ने अपने जीवन में अध्यात्म को अपनाने और साध्वी का जीवन व्यतीत करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, “महाकुंभ में आना और यहां की भव्यता का साक्षी बनना मेरे जीवन का सौभाग्य है।“ ममता कुलकर्णी ने 1990 के दशक में बॉलीवुड में बड़े स्टार्स के साथ काम किया। विवादित फोटोशूट (1993), उन्होंने स्टारडस्ट मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट किया, जिससे वे सुर्खियों में आईं। ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी से शादीः उन्होंने 2002 में ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी से शादी की, जो विवादों का कारण बनी। आत्मकथा ’ऑटोबायोग्राफी बाय योगिनी’-इस किताब में ममता ने अपने अध्यात्मिक जीवन और फिल्म इंडस्ट्री से दूर होने के फैसले का जिक्र किया। भगवा वस्त्रों में रुद्राक्ष की माला पहने साध्वी ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़े में प्रवेश किया। उनके आगमन पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मैकलारेन ने भारत में 50 कारों का जश्न मनाया, राजस्थान में एक्सक्लूसिव सेलिब्रेशन ड्राइव के साथ इस उपलब्धि को किया चिह्नित सुखाड़िया विश्वविद्यालय में 3 फरवरी को अवकाश घोषित