Site icon 24 News Update

बांसवाड़ा था डमी एग्जामजीवी अभयारण्य : अबकी बार वन-रक्षक भर्ती परीक्षा-2022 का पकड़ा दलाल, 15 लोगों की तलाश

Advertisements

24 न्यूज अपडेट. बांसवाड़ा। लगातार सामने आ रहे डमी अभ्यर्थियों के मामलों के बाद अब यह तय होता जा रहा है कि बांसवाड़ा एग्जाम डमी अभ्यार्थियों का अभयारण्य था। दलाल से लेकर अनुकूल परिस्थितियों का खाद पानी यहां उपलब्ध था। राजनीतिक मिलीभगत हालांकि अब तक पुलिस की थ्योरी में स्टेब्लिश नहीं की गई है लेकिन इसके बिना इतना बड़ा रैकेट फल-फूल पाए यह होना लगभग असंभव है। सूचना सहायक, शिक्षक भर्ती, कांस्टेबल भर्ती, रीट से लेकर ऐसा कोई एग्जाम नहीं बचा है जिसके तार बांसवाड़ा जिले से नहीं जुड़े हों। सरकारी स्कूलों के गुरूरी रोज पकड़े जा रहे हैं और पता चल रहा है कि उनकी जगह किसी और ने परीक्षा देकर एग्जाम पास किया था और वे मजे से नौकरी कर रहे हैं। अब वन रक्षक भर्ती परीक्षा 2022 के पेपर लीक का गंभीर मामला सामने आया है। इसमें करीब 12 से 15 लोगों के शामिल होने की संभावना है। इधर, पुलिस ने रीट भर्ती परीक्षा 2022 में डमी अभ्यर्थी बैठाने मामले में एजेंट सेवालाल भाबोर को गिरफ्तार किया। हाडी गांव निवासी सेवालाल वर्ष 2010 तक ट्रैक्टर चलाने का काम करता था। उसके पास दो ट्रैक्टर और गांव में खुद का मकान है। सेवालाल ने वर्ष 2019 में ग्राम पंचायत हांडी से सरपंच का चुनाव भी लड़ा, इस दौरान उसे 400 वोट मिले, जिससे वह चुनाव हार गया। जानकारी के अनुसार सेवालाल ने बांसवाड़ा से 15 अभ्यर्थी को डमी कैंडिडेट उपलब्ध कराए थे। सूत्रों की मानें तो सभी से 7 लाख रुपए प्रति कैंडिडेट के हिसाब से वसूले थे। करीब 1.50 करोड़ रुपए की आय डमी कैंडिडेट से की थी। पुलिस ने आरोपी तृतीय श्रेणी शिक्षिका प्रतापगढ़ के तिलक नगर निवासी हाल शास्त्री नगर हाउसिंग बोर्ड बांसवाड़ा सविता डोंडियार और उसके पति प्रवीण मालवीया को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस इस प्रकरण में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें 6 शिक्षक और एक सूचना सहायक शामिल है। जिले में 40 से अधिक लोगों के पास लीक पेपर की सप्लाई होने की आशंका भी जताई हैं। पूरा खुलासा एजेंट की गिरफ्तारी के बाद हुआ है। पेपर लीक की सूचना बांसवाड़ा पुलिस को डमी कैंडिडेट प्रकरण की जांच में डिटेन दलाल से पूछताछ में मिली हैं। सूत्रों के अनुसार एक दलाल ने ही 2022 में हुई भर्ती परीक्षा में पेपर लीक होने की सूचना दी थी। इसमें जांच में पुलिस को एक दलाल की डिटेल मिली, जो फरार हैं। दलाल ने जिले के करीब 10- 15 लोगों को पेपर सप्लाई किया था। बांसवाड़ा एसपी हर्षवर्धन अगरवाला ने कहा- सभी जिलों में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। हमारे जिले में डमी अभ्यर्थी के प्रकरण की जांच कर रहे हैं तो अनुसंधान हम पेपर लीक के प्रकरण में भी कर रहे हैं।

Exit mobile version