24 न्यूज अपडेट. बांसवाड़ा। बांसवाड़ा राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं का नया गढ़ बन गया है। यहां से रोज बड़े खुलासे हो रहे हैं। जहां जांच हो रही है वहीं पर फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं। फिर क्या अध्यापक, क्या वीडीओ, क्या जिला परिषद कर्मचारी, क्या सूचना सहायक। ऐसा लग रहा है कि मिलीभगत का खेल बरसों से चल रहा है। लाखों रूपए देकर डमी कैंडिडेट बिठाकर परीक्षा पास करना और फिर मजे से नौकरी करने का खेल लोगों ने बिना किसी डर के खेला उससे लग रहा है कि हीं ना कहीं पॉलिटिकल बेकअप के बिना यह संभव ही नहीं है। ट्रेक्टर चलाने वाले दलाल रातों रात करोड़पति बन गए, गाड़ी-बंगला हासिल कर लिया, जमीनों में वारे न्यारे कर दिए। यहां तक कि चुनराव तक लड़ लिए। यह कॉन्फिडेंस अकेले तो नहीं आता है। लग रहा है पूरी दाल काली थी। कल डमी अभ्यर्थी को बिठाकर नौकरी पाने वाले 4 शिक्षक गिरफ्तार किए गए तो और चौंकाने वाले तथ्या सामने आए।एस. परिमाला आई.पी.एस. महानिरीक्षक पुलिस बांसवाड़ा, रेंज बांसवाड़ा एवं हर्ष वर्धन अग्रवाला पुलिस अधीक्षक बांसवाड़ा के निर्देशन में अति. पुलिस अधीक्षक, डॉ. राजेश भारद्वाज आर.पी.एस., अति. पुलिस अधीक्षक धनफुल मीणा आर.पी.एस. लीव रिजर्व रेंज बांसवाड़ा के नेतृत्व में गठित टीम ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती एवं सूचना सहायक भर्ती परीक्षा में हुए फर्जीवाड़ा का खुलासा कर 04 शिक्षकों को गिरफ्तार कर 7 प्रकरण दर्ज किये। श्रीमती स.फ.ब. अंजुम जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.शि.) ने पुलिस थाना सज्जनगढ़, पुलिस थाना सल्लोपाट, पुलिस थाना कुशलगढ़ पर डर्मी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाकर शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले शिक्षको के विरूद्व प्रकरण पंजीबद्ध करवाए।
1- बादर पिता छगन गरासिया निवासी झलकिया, खुन्दनी हाला, पंचायत समिति सज्जनगढ़, जिला बांसवाड़ा हाल तृतीय श्रेणी शिक्षक राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पणदा, बडी सरवा ब्लॉक कुशलगढ़, जिला बांसवाड़ा के विरूद्ध थाना सज्जनगढ़ पर प्रकरण संख्या 96/2024 धारा 419, 420, 467, 468, 471 भादस व 66डी आईटी एक्ट व धारा 3, 4, 6, 7, 10 राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अनूचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2022
2- महेन्द्र सिंह पिता सोमेश्वर जाति बामनिया निवासी झांझरवा खुर्द तहसील गांगड़तलाई, जिला बांसवाड़ा हाल तृतीय श्रेणी अध्यापक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सरवनी वागतलाब, छोटी सरवन जिला बांसवाड़ा के विरूद्व थाना सल्लोपाट पर प्रकरण संख्या 104/2024 धारा 419, 420, 467, 468, 471 भादस व 66 डी आईटी एक्ट व धारा 3, 4, 6, 7, 10 राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अनूचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2022
3- महेश चन्द्र पटेल पिता धुलिया पटेल निवासी शेर मोटी तहसील गांगड़तलाई जिला बांसवाड़ा हाल तृतीय श्रेणी अध्यापक राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चिताथला, गांगड़तलाई के खिलाफ थाना सल्लोपाट पर प्रकरण संख्या 105/2024 धारा 419, 420, 467, 468, 471 भादस व 66डी आईटी एक्ट व धारा 3. 4. 6, 7. 10 राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अनूचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2022
4- श्रीमती गीता देवदा पत्नी राकेश (पुत्री रामजी देवदा) जाति भील निवासी मुन्नीपाड़ा आमलीपाड़ा पोस्ट टीमेड़ा बड़ा तहसील कुशलगढ़, जिला बांसवाड़ा हाल तृतीय श्रेणी अध्यापक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पण्ड़वाल उंकार, ग्राम पंचायत खुंटा चतरा, पंचायत समिति सज्जनगढ़ जिला बांसवाड़ा, के खिलाफ थाना कुशलगढ़ पर प्रकरण संख्या 174/2024 धारा 419, 420, 467, 468, 471 भादस व 66डी आईटी एक्ट व धारा 3, 4, 6, 7, 10 राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अनूचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2022
5- अनुप डोड़ियार पिता अयुब डोडियार भील निवासी चुनाखान ग्राम पंचायत अंदेश्वर, पंचायत समिति सज्जनगढ़, जिला बांसवाड़ा हाल तृतीय श्रेणी अध्यापक, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय भोचड़दा, सातसेरा कसारवाड़ी के खिलाफ थाना सल्लोपाट पर प्रकरण संख्या 176/2024 धारा 419, 420, 467, 468. 471 भादस व 66डी आईटी एक्ट व धारा 3. 4. 6. 7. 10 राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अनूचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2022
ठन प्रकरण के अलावा मुखबिरान की सूचना पर थानाधिकारी कसारवाड़ी एवं थानाधिकारी सज्जनगढ़ द्वारा निम्न प्रकरण दर्ज किये गये हैं।
- मुकेश पिता हवसिंह मईड़ा निवासी पण्ड़वार उंकार हाल सूचना सहायक पदस्थापित बीसीएमओ ऑफिस 1 सज्जनगढ़ के खिलाफ थाना सज्जनगढ़ पर प्रकरण संख्या 97/2024 धारा 419, 420, 467, 468, 471 भादस व 66 डी आईटी एक्ट व धारा 3, 4, 6, 7, 10 राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अनूचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 1992
- देवीलाल पिता मानसिंह जाति बारीया निवासी टाण्डी थाना कसारवाडी, जिला बांसवाडा के विरूद्ध थाना कसारवाड़ी पर प्रकरण संख्या 107/2024 धारा 419, 420, 467, 468, 471 भादस व 66 डी आईटी एक्ट व धारा 3, 4, 6, 7, 10 राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अनूचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2022
सरकारी नौकरी करते हुए पैसों के लालच में बन गए दलाल
रीट भर्ती-2022 और सूचना सहायक भर्ती-2018 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर सरकारी नौकरी हासिल कर ली। नौकरी कर रहे टीचर-कर्मचारी ही लालच में दलाल बन गए। वनपाल भर्ती में बड़े स्तर पर धांधली के सबूत मिले हैं। 40 से ज्यादा लोगों को शक के दायरे में पुलिस ने रखा है। पूछताछ की जा रही है। अब तक 12 को डिटेन कर लिया है। 4 दलाल भी डिटेन कर लिए हैं। डीएसपी शिवन्या सिंह ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने अलग-अलग 7 मामले दर्ज किए हैं। 6 मामले रीट भर्ती-2022 से जुड़े हैं और एक मामला सूचना सहायक भर्ती-2018 का है। आरोपी देवीलाल को डिटेन कर लिया है। एक सरकारी टीचर ने उससे 7 लाख में डील की थी। डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी हासिल करने का एक और मामला सामने आया। आरोपी देवीलाल को डिटेन कर लिया है। एक सरकारी टीचर ने उससे 7 लाख रुपए में डील की थी। कसारवाडी (बांसवाड़ा) थाने में दर्ज मामले में आरोपी अभ्यर्थी टांडी गांव का देवीलाल है। उसे नियुक्ति नहीं मिली है, पाली जिले में डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन हो चुका है। काउंसिलिंग बाकी है। देवीलाल को पुलिस ने डिटेन कर लिया। देवीलाल ने बताया कि सरकारी टीचर वीरेंद्र से 7 लाख रुपए में सौदा हुआ था। वीरेंद्र पुत्र टीटा मईडा अंदेश्वर ने देवीलाल को ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती में सिलेक्शन कराने की गारंटी दी थी। देवीलाल ने वीरेंद्र को आईडी दी थी। जॉइनिंग के बाद रुपए देने थे। वीरेंद्र की ड्यूटी तांबेसरा उच्च माध्यमिक स्कूल में है। फिलहाल वह फरार है। गीता देवड़ा , बादर गरासिया, महेंद्र बामनिया और महेश पटेल डमी अभ्यर्थी के जरिए सरकारी टीचर बन गए। गीता देवड़ा पत्नी राकेश निवासी कुशलगढ़ ने रीट में डमी कैंडिडेट बैठाया। पास होकर नौकरी हासिल की। राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल पंडवाल ओंकार में पोस्टिंग मिली। महेंद्र बामनिया पुत्र सोमेश्वर निवासी सल्लोपाट ने डमी कैंडिडेट बैठाकर परीक्षा पास की। उसे राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बागतालाब (छोटी सरवन) में नियुक्ति मिली। महेश पटेल निवासी झेरमोटी ने भी डमी कैंडिडेट से परीक्षा पास की। उसे राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल चीथाथला में नियुक्ति मिली। बादर गरासिया पुत्र छगन गरासिया निवासी झलकिया सज्जनगढ़ को राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल पड़दा में पोस्टिंग मिली।
दलाल भ्रष्टाचार कर हुए मालामाल
डीएसपी शिवन्या सिंह ने बताया- अब तक चार दलाल भी पुलिस की पकड़ में आए हैं। मुख्य दलाल सांचौर का रहने वाला है। दूसरा सेवालाल भाबोर हांडी गांव का निवासी है। वह ट्रैक्टर ड्राइवर रहा है। तीसरा शंकर लाल सज्जनगढ़ का रहने वाला है और जिला परिषद में कार्यरत सरकारी कर्मचारी है। चौथा छगन खड़िया गढ़ी पंचायत समिति में ग्राम विकास अधिकारी है। सेवालाल, शंकर और छगन को सांचोर का दलाल डमी अभ्यर्थी उपलब्ध कराता था। दलाल अभ्यर्थियों से 7 से 15 लाख रुपए में डील करते थे। दलाल नौकरी की 100 प्रतिशत गारंटी देते थे। महेश, महेंद्र और बादर को इन दलालों ने 12-12 लाख रुपए में डमी अभ्यर्थी उपलब्ध कराए थे। पूछताछ में मुकेश ने बताया- हाड़ी गांव निवासी दलाल सेवालाल भाबोर से संपर्क किया था। उसने कहा था कि तू सूचना सहायक का फॉर्म भर दे। परीक्षा कोई और देगा, साथ ही नौकरी भी पक्की है। इसके लिए 7 लाख देने पड़ेंगे। सेवालाल को पैसे दे दिए। आवेदन कर डमी कैंडिडेट ने परीक्षा दी और सिलेक्शन हो गया। सेवालाल 2010 तक ट्रैक्टर ड्राइवर था। अब उसके खुद के दो ट्रैक्टर और गांव में आलीशान मकान है। कुछ जमीनें भी खरीदी हैं, लेकिन अपने नाम रजिस्ट्री नहीं करवाई है। कुछ दिन पहले ही उसने गांव में 7 लाख रुपए में एक प्लॉट और सल्लोपाट में 87 लाख का मकान खरीदा है। सेवालाल ने 2019 में ग्राम पंचायत हांडी से सरपंच का चुनाव भी लड़ा था।

