24 न्यूज अपडेट. बांसवाड़ा। फर्जी सड़क हादसे बताकर लाखों के बीमा क्लेम पाने का एक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। इस मामले में कोर्ट में परिवादी ने फर्जी चोट प्रतिवेदन पेश करके 28.50 लाख का बीमा क्लेम किया। लेकिन कोर्ट में झूठ टिक नहीं सका। क्लेम खारिज कर दिया गया। लोडदा के निवासी लालशंकर पुत्र दलजी पाटीदार ने कोर्ट में दावा किया कि 22 जुलाई 2021 को सुबह करीब 7 बजे वह और उसका चचेरा भाई लोड़दा निवासी 45 वर्षीय लालशंकर पुत्र दलजी पाटीदार सरेड़ी जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान हादसा हो गया। कमलेश व लालशंकर बाइक सहित नीचे गिर गए। कमलेश व लालशंकर को गंभीर चोट लगी। कमलेश व लालशंकर को सागवाड़ा हॉस्पिटल ले गए। सागवाड़ा से मेवाड़ अस्पताल उदयपुर में रेफर किया। लालशंकर ने पुलिस रिपोर्ट दी व कहा कि वह इलाज में व्यस्त था एक्सीडेंट के 13 दिन बाद 4 अगस्त 2021 को गढ़ी में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले में जब मेवाड़ हॉस्पिटल से पता किया गया तो सामने आया कि वह सीढ़ियों से गिरा था। यह भी बताया कि बीआईटीसी सुपर स्पेशीलिटी हॉस्पिटल अहमदाबाद में 21 से 22 अक्टूबर से तक भर्ती रहा, जहां एक्सीडेंट से घायल होना बताया। कोर्ट ने कहा कि चोट प्रतिवेदन में सीढ़ियों से गिरने से चोट बताई तो दोबारा बीआईटीसी सुपर स्पेशीलिटी हॉस्पिटल अहमदाबाद का चोट प्रतिवेदन ले आए। जिसमें एक्सीडेंट से चोटिल होना बताया। इससे साफ होता है कि चोट प्रतिवेदन फर्जी बनाकर प्रार्थी क्लेम उठाना चाहता था। न्यायाधीश ने क्लेम खारिज कर दिया। 5 सितंबर फर्जी डॉक्यूमेंट के आधार पर फैसला खारिज कर बीआईटीसी सुपर स्पेशीलिटी हॉस्पिटल अहमदाबाद के खिलाफ नोटिस जारी कर जवाब मांगा। बीआईटीसी सुपर स्पेशीलिटी हॉस्पिटल अहमदाबाद से नोटिस के जवाब में एमएसटी कोर्ट में पेश हुए। अगली पेशी 8 जनवरी को है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation राइजिंग राजस्थान के तहत सलूम्बर जिले में चमकेगा निवेश का सूरज 32 एमओयू द्वारा 503 करोड़ रू. के निवेश प्रस्तावों से 1384 लोगों को मिलेगा रोजगार उर्वरक एवं कीटनाशी बेचने वाले विक्रेता नहीं कृषि डॉक्टर बनेंः डॉ. कर्नाटक