24 न्यूज़ अपडेट उदयपुर. कानोड़ वाह सरकार वाह आम जनता को तो अब यह लगने लगा है कि आपका प्रशासनिक अधिकारी बेल लगाम हो चुके हैं , आपके आदेशों की पालना शायद प्रशासनिक अधिकारी करने को तैयार नहीं है, प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां उड़ती एक मामला उदयपुर जिले की कानोड़ तहसील कार्यालय में देखा जा रहा है, यहां पदस्थ तहसीलदार रणजीत यादव का स्थानांतरण के लगातार दो बार आदेश हो चुके हैं लेकिन ये साहब तो आदेशों की पालना करना ही नहीं चाह रहे हैं, अब तो ऐसा लगने लगा है कि नायब तहसीलदार रणजीत यादव को मिला कानोड़ तहसीलदार का चार्ज छोड़ना ही नहीं चाहते, 28 अक्टूबर 2024 को राजस्व मंडल राजस्थान अजमेर द्वारा उपखंड कार्यालय आमेर जिला जयपुर ग्रामीण नायब तहसीलदार के पद पर रणजीत यादव का स्थानांतरण किया गया था ,लेकिन डेढ़ माह होने को आया हैं कानोड़ तहसीलदार यादव अभी तक रिलीव नहीं हुए हैं ,इसके बाद उदयपुर जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल ने 9 दिसंबर 2024 को एक आदेश निकाला जिसमें बताया गया कि राजस्व मंडल राजस्थान अजमेर के आदेश क्रमांक के अनुसार 28 अक्टूबर 2024 को रणजीत यादव तहसीलदार कानोड़ पद विरुद्ध स्थानांतरण पदस्थापना नायब तहसीलदार उपखंड कार्यालय आमेर जिला जयपुर ग्रामीण के पद पर होने के फलस्वरूप इन्हें कार्य मुक्त किया जाकर निर्देशित किया जाता है ,कि वह अपने जिम्मे का समस्त कार्यभार तहसीलदार भिंडर को सुपुर्द कर अपनी उपस्थिति नवीन पद स्थापना स्थान पर देवें, लेकिन जिला कलेक्टर उदयपुर अरविंद पोसवाल के आदेश के बावजूद भी 14 दिन बीतने को आएं हैं इसके बाद भी कानोड़ तहसीलदार रणजीत यादव रिलीव नहीं हुए हैं न हीं आदेशों की पालना में तहसीलदार भिंडर ने ज्वाइन किया है , आखिर प्रशासन के आदेश की पालना में क्यों अधिकारी रिलीव नहीं हो रहे हैं और नया अधिकारी जॉइन क्यों नहीं कर रहा है, ऐसे में अब देखना यह होगा कि जिला कलेक्टर इस मामले पर क्या संज्ञान लेते हैं । Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation श्री करणी माता मंदिर का भव्य भंडारा, जय माता जी की रही गूंज चुस्त और फुर्तीली एसीबी का कमाल, 12 साल जांच के बाद खेलगांव क्रिकेट स्टेडियम में घपले का खुलासा, एक ठेकेदार, तीन इंजीनियर गिरफ्तार, बड़ा सवाल-अब तक किसका था दबाव???