(खबर के साथ दोनों पीड़ितों का वीडियो जरूर देखें)
24 न्यूज अपडेट, उदयपुर। मैग्नस अस्पताल की लापरवाही के मामले में एडवोकेट योगेश जोशी के बच्चे की जांच रिपोर्ट जिला कलेक्टर के पास पहुंच चुकी है। आज जिला कलेक्टर ने मीडिया से बात करते हुए साफ कर दिया कि इस मामले में मैग्नस अस्पताल दोशी है जिसने समय रहते बच्चे की आंखों की जरूरी जांच नहीं करवाई और साथ ही दस्तावेजों में भी हेराफेरी करने का गंभीर अपराध किया। फिलहाल मामले में तथ्यों की फ्रिस्किंग हो रही है व उसके बाद जांच रिपोर्ट सामने लाई जाएगी।
जिला कलेक्टर ने इससे पहले ज्ञापन देने गए वकीलों से कहा था कि यदि मैग्नस अस्पताल की दो परसेंट भी लापरवाही सामने आती है तो ताले लगवा लेंगे। अब दोनों पक्षो ंने वीडियो जारी कर जिला कलेक्टर से इस मामले में आज ही एक्शन लेते हुए अस्पताल पर ताले लगवाने व दोषियों को तुंरत सजा दिलाने की मांग की है।
एडवोकेट योगेश जोशी ने कलेक्टर का रिपोर्ट के लिए धन्यवाद दिया व कहा कि उनके पास कोई रिपोर्ट नहीं आई है उन्हें मीडिया से जानकारी मिली है। उन्हें लिखित रिपोर्ट दिलाई जाए। साथ ही अस्पताल मालिक पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।
इस मामले में दूसरे पीड़ित शहादत हुसैन ने कहा कि मेरा बच्चा तो चला गया, अब कलेक्टर साहब कब मेरे बच्चे लिए हॉस्पिटल के खिलाफ आदेश दे रहे हैं।
मैं इंतजार कर रहा हूं कलेक्टर साहब का, मैं टूट गया हूं। डाक्टर मनोज अग्रवाल ने कहा कि बच्चे को इंस्फेक्शन हो गया , आखिर कैसे हुआ। कलेक्टर साहब ने जांच कमेटी बनाई थी, आदेश दिए थे जांच के। योगेशजी जोशी के बच्चे की भी जांच हुई थी। योगेशजी के बच्चे के बारे में तो कलेक्टर साहब ने बयान दे दिया मगर मेरे बच्चे की रिपोर्ट कब आएगी। आपको याद दिला दें कि शहादत हुसैन का आरोप है कि मैग्नस अस्पताल में इलाज में लापरवाही से बच्चे की आंतें खराब हो गईं जबकि वकील साहब योगेश जोशी के बच्चे की आंखें चली गईं थी।
इस मामले में घोर प्रशासनिक लापरवाही हुई। दो महीने पहले एसपी साहब को ज्ञापन दिया गया मगर उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया। तब कमेटी बन जाती तो अब तक अस्पताल प्रशासन पर कार्रवाई हो चुकी होती। इस मामले में वकील साहब योगेश जोशी का बार-बार यही कहना था कि किसी गोयल साहब का दबाव था जिस वजह से प्रशासन ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। लेकिन जैसे ही बार एसोसिएशन ने ज्ञापन देकर सख्त रूख दिखाया, प्रशासन ने कमेटी भी बना दी, जांच भी करवा दी व कमेटी की रिपोर्ट भी आ गई।
लोगों का कहना है कि यह वकीलों की एकता की जीत है जो किसी के दबाव में नहीं झुके। एक और सवाल आज उठ खड़ा हुआ कि जिला कलेक्टर ने पत्रकारों से बात करते हुए केवल एक ही मामले का जिक्र क्यों नहीं किया। जब दोंनों मामलों की जांच एक साथ एक ही कमेटी ने की तो फिर कलेक्टर साहब केवल एक ही मामले का जिक्र क्यों कर रहे हैं। दोनों की रिपोर्ट एक साथ ही आनी चाहिए थी। शहादत हुसैन का बेटा तो दुनिया से विदा हो चुका है मगर उन तक अब तक कमेटी की जांच रिपोर्ट नहीं पहुंची है। दोनों पीडितों ने क्या कहा-आप भी देखिये-

