पैसा चौगुना करने का झांसा देने वाला गिरफ्तार, 1 लाख 51 हजार को तंत्र 2 करोड़ करने का दिया झांसा और हड़प लिए 3 लाख
– विशेष कमरे में रात को ग्राहक को बुलाते और असली रुपये ले लते। रूपए दरी पर रखकर कम रोशनी में पर्दे के नीचे नकली नोट गिराते, ग्राहक समझता नोटों की बारिश हो रही है और फिर झांसा देकर असली रुपये हड़प कर जाते.
24 न्यूज अपडेट. बांसवाड़ा। गैंग का एक सदस्य ग्राहक को झांसे में लेता। कहता कि रातोंं-रात पैसों की बारिश होगी और मूल रकम चार गुना हो जाएगी। बस उनके बताए हुए समय पर रात के अंधेेरे में पैसा लेकर आना होगा। उसके बाद शुरू होता खेल। ग्राहक के आते ही बंद कम रोशनी वाले कमरे में दरी पर नोट रख देते और बदले में पर्दे के पीछे से होती नकली नोटों की बारिश। ग्राहक चकित रह जाता और झांसे में आ जाता। उसके बाद ग्राहक को झासा देकर वापस भेज देते और असली रकम लेकर चंपत हो जाते। इस गैंग ने वागड़ में कई लोगों को शिकार बनाया लेकिन ये शातिर बांसवाड़ा कुशलगढ़ पुलिस की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम से नहीं बच पाए। पुलिस ने गैंग के सरगना को पकड़ लिया है। उससे और भी कई वारदातों के खुलासे की उम्मीद की जा रही है।
ये लोग ग्राहक को फंसाने के बाद उसका पैसा दुगुना-चौगुना करने का झांसा देते व रुपये हड़प लेते। पुलिस ने मुख्य आरोपी वाहिद महाराज उर्फ अब्दुल वाहिद मकरानी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस उप अधीक्षक कुशलगढ़ रुपसिंह राठौड़ ने मीडिया को बताया कि गुजरात के अहमदाबाद के अभिकुमार पुत्र दिनेश कुमार ने रिपोर्ट दी कि वाहिद महाराज उर्फ अब्दुल वाहिद मकरानी उम्र 55 साल, निवासी रतलाम मार्ग कुशलगढ़ ने 2 मार्च को 1 लाख 51 हजार रुपये लेकर उसे 2 करोड़ करने का झांसा दिया। कुछ दिन पूर्व ही मकरानी ने जगदीश यादव से भी डेढ़ लाख रुपये भी हड़प लिये थे। कुल मिलाकर तीन लाख रूपए ले लिए। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने निर्देश पर एएसपी बनवारीलाल मीणा एवं वृत्ताधिकारी रुपसिंह ने थानाधिकारी सवाई सिंह को थाना स्तर पर टीम गठित कर मामले में त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिये। टीम गठित को अनुसंधान के दौरान सूचना मिली कि वाहिद महाराज अभी कुशलगढ़ कस्बे में ही है। सहायक उपनिरीक्षक इन्द्रपाल सिंह ने जाप्ते को साथ लेकर वाहिद को डिटेन लिया। थाने में पूछताछ के दौरान वाहिद ने बताया कि उसका मित्र हरीश बैरागी पुत्र गोविन्द निवासी जयंती माता चोटिया मध्यप्रदेश के धार जिले के बालोद का रहने वाला है व वही ग्राहक भेजता था। वाहिद के दो चेले भरत व नीरु कटारा पुत्र मानसिंह निवासी दौलपुरा साथ मिलकर ग्राहक को झांसा देते हैं और नीरु कटारा के घर में बने एक विशेष कमरे में रात को ग्राहक को बुलाते हैं। उससे ग्राहक से असली रुपये लेते और दरी पर रख देते हैं। कम उजाले में पर्दे से नीचे नकली नोट गिराते जाते हैं। इससे ग्राहक भ्रमित हो जाता और वाहिद झांसा देकर असली रुपये डरा-धमकाकर हड़प लेते हैं। पुलिस ने धोखाधड़ी के इस मामले में वाहिद को गिरफ्तार कर न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लिया है। वाहिद के खिलाफ इससे पहले भी प्रकरण दर्ज हुआ था जिसमें उसे सजा सुनाई गयी थी। फिलहाल पुलिस ने उससे थार वाहन, दो मोबाईल बरामद किए हैं। इसके अलावा 3 लाख रुपये तथा नकली नोट जिनका सांकेतिक मूल्य 5.50 लाख रुपये है, बरामद किए हैं। वाहिद के चेले सहआरोपी नीरु कटारा के घर से तीन अलग-अलग थैलों में नकली नोट मिले हैं जिसमें हर एक पर चिल्ड्रन बैंक लिखा हुआ है। इन नोटों का सांकेतिक मूल्य 2 करोड़ 85 लाख बताया जा रहा है। इसके अलावा पूजा-पाठ का सामान जब्त किया है।
ये शामिल थे स्पेशल पुलिस टीम में
थानाधिकारी सवाई सिंह, सहायक उपनिरीक्षक इन्द्रपाल सिंह, हेड कांस्टेबल सोहनलाल, नानूलाल, कांस्टेबल दिनेशचंद्र, भानुप्रताप, मनोज, महिला कांस्टेबल सोनु, कांस्टेबल ईश्वर सिंह शामिल रहे।
पर्दे के पीछे से करते नकली नोटों की बारिश, ग्राहक समझता असली बारिश….

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