24 न्यूज अपडेट, जयपुर। राजस्थान के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता महेश जोशी को पत्नी के निधन के बाद विशेष अदालत से चार दिन की अंतरिम जमानत मिली है। सोमवार को जयपुर स्थित मणिपाल हॉस्पिटल में पत्नी कौशल जोशी का इलाज के दौरान निधन हो गया। इसी दिन महेश जोशी की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रिमांड की अवधि पूरी हो रही थी। पेशी के बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया था, लेकिन पत्नी के निधन की सूचना पर वकीलों ने तत्काल अंतरिम जमानत की अर्जी दी। अदालत ने मानवीय आधार पर चार दिन की राहत मंजूर की। दोपहर बाद महेश जोशी स्टेशन रोड स्थित अपने निवास पर पहुंचे। शाम साढ़े चार बजे चांदपोल मोक्षधाम में कौशल जोशी का अंतिम संस्कार किया गया।कौशल जोशी पिछले काफी समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। हाल ही में किडनी फेल होने और ब्रेन हेमरेज के चलते उन्हें मणिपाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले भी उनका लंबे समय तक एसएमएस हॉस्पिटल में उपचार चला था। सोमवार को उनके निधन की खबर से जोशी परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महेश जोशी से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी दुख जताया।महेश जोशी को प्रवर्तन निदेशालय ने 24 अप्रैल को 900 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन घोटाले में गिरफ्तार किया था। ईडी की जांच में सामने आया कि श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी और श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर जलदाय विभाग से करोड़ों रुपये के टेंडर हासिल किए थे। श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी ने 68 में से 31 निविदाओं में एल-1 होकर 859.2 करोड़ रुपये के टेंडर लिए, वहीं श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी ने 169 निविदाओं में भाग लेकर 73 टेंडर जीतकर 120.25 करोड़ रुपये के अनुबंध हासिल किए।जांच में यह भी सामने आया कि ठेकेदारों ने कई जगहों पर पाइपलाइन डाली ही नहीं, फिर भी भुगतान लिया गया। कई स्थानों पर पुरानी पाइपलाइन को नया बताकर सरकारी धनराशि उठाई गई। चोरी की पाइपलाइन को नया बताकर लगाया गया और उसकी एवज में करोड़ों वसूले गए। आरोप है कि फर्जी कंपनियों को टेंडर देने में जलदाय विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत रही। ठेकेदारों को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त था, जिससे घोटाला इतने बड़े पैमाने पर संभव हुआ।जल जीवन मिशन के इस घोटाले का खुलासा सबसे पहले एसीबी की जांच से हुआ था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच तेज की। महेश जोशी और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी भी हुई। 3 मई 2024 को सीबीआई ने भी इस मामले में केस दर्ज किया। ईडी ने अपनी जांच पूरी कर दस्तावेज एसीबी को सौंप दिए। महेश जोशी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अब भी जारी है और अंतरिम जमानत केवल मानवीय आधार पर स्वीकृत की गई है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जयपुर में प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा 1 से 7 मई तक , सात मंजिला पंडाल, 1.5 लाख श्रद्धालुओं की व्यवस्था, जर्मन तकनीक से गर्मी से राहत जयपुर जंक्शन पर शॉर्ट सर्किट से लगी आग: वीआईपी लाउन्ज में रखा सामान जलकर खाक, समय रहते आग पर पाया काबू