24 न्यूज अपडेट. भीलवाड़ा। भीलवाड़ा में एक दंपती के शव उनके कमरे में पाए गए हैं। पत्नी का शव बिस्तर पर था, जबकि पति का शव फंदे से लटका हुआ था। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की संभावना व्यक्त की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दंपती के एक बेटे और पोते का निधन 10 महीने पहले हुआ था, जिसके बाद से वे दोनों मानसिक तनाव में थे। सुबह एक पड़ोसी ने खिड़की से देखा कि बिस्तर पर कोई व्यक्ति 5 मिनट तक बिना हिले-डुले खड़ा है। जब असामान्य लगा, तो उसने दीवार कूदकर अंदर जाकर देखा, जहां उसे दंपती के शव मिले। यह घटना भीलवाड़ा शहर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र की है।
थानाधिकारी गजेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि पटेल नगर में निवास करने वाले शराब विक्रेता गोपाल सिंह राणावत (61) और उनकी पत्नी सुप्यार कंवर (57) के शव उनके आवास के एक कमरे में पाए गए। सोमवार सुबह सूचना मिली कि पटेल नगर में एक दांपत्य जोड़े ने आत्महत्या कर ली है। घटनास्थल पर पहुंचकर स्थानीय लोगों से जानकारी प्राप्त की गई और दोनों शवों को महात्मा गांधी अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गजेंद्र सिंह ने बताया कि मृत्यु के कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिचितों और पड़ोसियों का कहना है कि दोनों डिप्रेशन में थे, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि डिप्रेशन के कारण ही उन्होंने आत्महत्या की।
पार्षद प्रतिनिधि गजेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि गोपाल सिंह के पड़ोसी रघुनाथ सिंह उनके परिचित हैं। उनका गोपाल के परिवार से परिचय है। रघुनाथ सिंह को भी वे जानते हैं। सोमवार सुबह, रघुनाथ सिंहघर से बाहर निकले और खिड़की से गोपाल सिंह के कमरे का दृश्य देखा। उन्होंने देखा कि गोपाल सिंह बिस्तर पर खड़े हैं, लेकिन उनको रस्सी दिखाई नहीं दी। गोपाल सिंह का चेहरा सड़क की ओर था, जो रघुनाथ सिंह को कुछ अजीब लगा। वे लगभग 5 मिनट तक वहीं खड़े रहे। गोपाल सिंह बिना हिले-डुले बिस्तर पर खड़े नजर आए। गोपाल सिंह हाउसिंग बोर्ड के एक छोटे मकान में निवास करते थे, जिसकी बाहरी दीवार छोटी थी और बाहर से घर के अंदर का दृश्य स्पष्ट था। घर के मुख्य गेट की ऊंचाई भी बहुत कम थी, इसलिए रघुनाथ सिंह ने गेट लांघकर अंदर प्रवेश किया और देखा कि गोपाल सिंह रस्सी से लटके हुए थे। इसके बाद रघुनाथ सिंह ने पहले पड़ोसियों को सूचित किया।
लोगों ने जानकारी दी कि 10 महीने पहले गोपाल सिंह के बड़े बेटे नरेंद्र सिंह और पोते छोटू की गुजरात के अहमदाबाद में नहर में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से पति-पत्नी मानसिक तनाव में थे। वे अक्सर अपने बेटे और पोते के बारे में चर्चा करते रहते थे। उनका दूसरा बेटा नाहर सिंह भीलवाड़ा में अरिहंत नगर में निवास करता है और अरिहंत विहार क्षेत्र में रसगुल्ला फैक्ट्री का संचालन करता है। वह अपने परिवार के साथ अलग रहता है। छोटे बेटे जसवंत सिंह और लाल सिंह मध्य प्रदेश में अपने-अपने परिवारों के साथ रहते हैं। गोपाल सिंह अपनी पत्नी के साथ अलग रहते थे। जानकारों का कहना है कि संभवतः पहले पत्नी का निधन हुआ और इसके बाद गोपाल ने आत्महत्या कर ली। बाकी की जांच और रिपोर्ट के बाद सच्चाई सामने आएगी।
पड़ोसी ने खिड़की से देखा – व्यक्ति बैड पर 5 मिनट तक बिना हिले-डुले खड़ा है, दीवार कूदकर अंदर झांका तो पड़ी थी पति-पत्नी की लाश

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