न्याय तक पहुँच आज भारत के सामने सबसे बड़ी अंतर्निहित समस्या है : प्रो. अमेरिका सिंह, सालाहकार-निम्स 24 न्यूज अपडेट. जयपुर। यह आम धारणा है कि कमज़ोर वर्गों को कानूनी सहायता प्रदान करने का प्राथमिक दायित्व सरकार और कानूनी पेशेवरों का है। इस प्रचलित धारणा के विपरीत समाज के सभी वर्गों एवं वंचितों को निःशुल्क सामाजिक न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से निम्स विश्वविद्यालय द्वारा अपने सामजिक सरोकारो को निभाते हुए लीगल एड क्लीनिक की स्थापना की जा रही है। निम्स की इस पहल का उद्देश्य समाज के सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े और हाशिए पर पड़े वर्गों को कानूनी सहायता प्रदान करना है, जिन्हें न्यायिक प्रणाली तक पहुँचने में कठिनाई होती है। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर ने निम्स विश्वविद्यालय में लीगल एड क्लिनिक के स्थापना के संबंध में श्री पवन कुमार जीनवाल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश) जयपुर ने आदेश जारी किए हैं। लीगल एड क्लिनिक एक ऐसा निकाय है, जो छात्रों को कानून के अपने ज्ञान का उपयोग करने के लिए प्रेरित करता है ताकि विभिन्न मीडिया के माध्यम से उन लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जा सके जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। लीगल सर्विसेज क्लिनिक एक छात्र-संचालित समिति है जो कानूनी और पैरालीगल सेवाएं प्रदान करती है। इसका दोहरा उद्देश्य कानूनी जागरूकता फैलाना और समाज के सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करना है, जिन्हें न्यायिक प्रणाली तक पहुँचने में कठिनाई होती है। इसके अतिरिक्त, यह कानून के छात्रों के लिए व्यावहारिक और पेशेवर प्रशिक्षण का केंद्र भी प्रदान करता है।प्रो.अमेरिका सिंह ने विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए कहा की हमारा उद्देश्य छात्रों और बड़े पैमाने पर लोगों के बीच कानूनी जागरूकता फैलाना है। जिससे विधि शिक्षा के छात्र विद्यार्थी जीवन से ही समाज के प्रति अपने सामाजिक दायित्व को समझें और उसका निर्वहन करे। राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (छ।स्ै।) का गठन कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सेवाएं प्रदान करने और विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए किया गया है। इस लीगल क्लिनिक की स्थापना इसलिए की गई है ताकि समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त और सक्षम कानूनी सेवाएं प्रदान की जा सके। यह सुनिश्चित किया जा सके कि आर्थिक या अन्य अक्षमताओं के कारण कोई भी नागरिक को न्याय हासिल करने के अवसरों से वंचित न हो। हमारा उद्देश्य राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की नीति और दिशा को प्रभावी बनाना है। क्लिनिक का उद्देश्य गरीब, जरूरतमंद व्यक्तियों और समाज के कमजोर वर्गों के सदस्यों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करना और लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में जागरूक करके सामाजिक कल्याण गतिविधियों को अंजाम देना है। ताकि समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के साथ प्रभावी ढंग से जुड़कर कानूनी जागरूकता लाई जा सके। इसकी स्थापना से विधि शिक्षा के छात्र व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मौत के मुंह से खींच लाया एक सरकारी हैल्पलाइन नंबर, मुश्किल पलों में मददगार बनी टेलीमानस, अवासदग्रस्त लोगों का जीवन बचाया भजनलाल सरकार की एजुकेशनल इजीनियरिंग : कॉलेज एडमिशन में लड़कियों को 3 परसेंट बोनस की घोषणा, 10 जून से एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होगी, ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को केवल को-एजुकेशन वाले कॉलेजों में मिलेगा प्रवेश