24 न्यूज अपडेट. बांसवाड़ा। रीट शिक्षक भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा देने वालों की फेहरिस्त लंबी होती चली जा रही है। कई लोग मजे से सरकारी नौकरी कर रहे हैं और अब दस्तावेजों की बारीकी से जांच में पकड़े जा रहे हैं। सबसे बडा सवाल ये उठ रहा है कि जब इनको नौकरी दी गई जब दस्तावेज बारीकी से क्यों नहीं जांचे गए। क्या तब भी सरकारी स्तर पर मिलीभगत थी व लाभार्थियों वाला धन अधिकारियों तक गया था। यदि नही ंतो उनकी जांच कौन करेगा जिन्होंने नियुक्ति के लिए हरी झंडी दी। क्या उन्हें भी नौकरी से बर्खास्त नहीं किया जाना चाहिए। बहरहाल सरकारी नौकरी प्राप्त करने के मामले में 2 आरोपी को डिटेन किया गया है। बांसवाड़ा आईजी एस परिमला ने बताया कि गांगड़तलाई निवासी महेश पटेल को डिटेन किया है जो राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जीथाखला में शिक्षक है। महेश का डमी कैंडीडेट कहां का था, इस बारे में पूछताछ की जा रही है। महेश ने जिस एजेंट के माध्यम से डमी अभ्यर्थी जुटाया था, वो बांसवाड़ा के हांडी गांव का रहने वाला सेवालाल भाभोर है। अन्य अभ्यर्थी के भी नाम सामने आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। दो अभ्यर्थी अनूप और महेंद्र फरार हैं। गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का विस्तार से खुलासा किया जाएगा। बताया जा रहा है कि जिस डमी कैंडिडेट ने परीक्षा दी, वह पाली के सुमेरपुर का था। उसने प्रवेश पत्र पर अपना फोटो लगाया था। परीक्षा में चयनित होने के बाद महेश को बांसवाड़ा जिला प्राथमिकता के आधार पर मिला। बांसवाड़ा में उसकी पोस्टिंग अपने ही गृह ब्लॉक में हो गई।
नकल की रीट : बांसवाड़ा में दबोचा सरकारी शिक्षक और एजेंट, शिक्षक भर्ती 2022 में डमी अभ्यर्थी बिठाकर मजे से कर रहा था नौकरी , 2 अन्य , 2 अभ्यर्थी फरार

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