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पीपलोदी हादसे पर फूटा आक्रोश: शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन, जिम्मेदारों पर कार्रवाई और जर्जर भवनों पर ठोस कदम की उठाई मांग

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24 News Update उदयपुर। झालावाड़ जिले के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पीपलोदी में विद्यालय भवन की छत गिरने से हुई मासूम विद्यार्थियों की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस हृदय विदारक हादसे के विरोध में रविवार को राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर राज्यभर में शिक्षक संगठनों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उदयपुर जिले में गिर्वा उपखंड कार्यालय पर भी ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम बैरवा (गिर्वा), ईश्वर सिंह राठौड़ (कुराबड़) तथा सुभाष विश्नोई (शहर) के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने प्रशासनिक लापरवाही और जर्जर विद्यालय भवनों के प्रति सरकार की उदासीनता पर नाराजगी जताई और शोक संतप्त वातावरण में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
संघ के प्रदेशाध्यक्ष शेरसिंह चौहान ने जानकारी देते हुए कहा कि ज्ञापन के माध्यम से पीपलोदी जैसी घटनाओं की उच्च स्तरीय जांच कर निर्माण एजेंसी व दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस त्रासदी के लिए निर्दोष शिक्षकों को बलि का बकरा बनाना बंद किया जाए, और उनके साथ न्याय किया जाए।
चौहान ने चेताया कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिए, तो शिक्षक समुदाय आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
पांच सूत्रीय मांगें रहीं मुख्य बिंदु
जिलाध्यक्ष चन्द्रशेखर परमार ने बताया कि ज्ञापन में निम्न प्रमुख मांगें रखी गईं—
हादसे की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई।
निर्दोष शिक्षकों पर की गई कार्यवाही को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
विद्यालय भवनों की सुरक्षा जांच तकनीकी अधिकारियों द्वारा करवाई जाए, न कि शिक्षकों से।
राज्य के सभी जर्जर भवनों को हटाकर नवीन आरसीसी कक्षों के निर्माण हेतु बजट आवंटन।
विद्यालय भवनों के उपयोगिता प्रमाण पत्र केवल विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति की अनुशंसा से ही जारी हों।
शिक्षकों में आक्रोश, जर्जर भवनों से जान का खतरा
प्रदेशाध्यक्ष चौहान ने कहा कि आज भी राजस्थान के कई स्कूल जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं, जहां विद्यार्थियों और शिक्षकों की जान हर दिन खतरे में है। यह हादसा प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी एजेंसियों की निष्क्रियता का परिणाम है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो अगली घटना का जिम्मेदार भी सरकार ही होगी। ज्ञापन सौंपते समय प्रदेशाध्यक्ष शेर सिंह चौहान, सतीश जैन, नवीन व्यास, भैरूलाल कलाल, कमलेश शर्मा, हितेन्द्र दवे, रणवीर सिंह राणावत, चेतराम मीणा, सुनीता शर्मा, अमृत कल्याण, सीमा शर्मा, मुकेश जैन सहित संगठन के कई पदाधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे।

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