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जहां तीन स्कूली छात्राओं की मौत हुई, वहां पहुंची दीया कुमारी, पेचवर्क देख अफसरों से कहा – इससे अच्छा तो पेंट ही कर दो, बहाना मत बनाओ, कोई नोटिस नहीं दिया कहा-अगली बार ऐसा न करें

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बाली। किसी पर तो गाज गिरनी ही थी क्योंकि राजनेता कभी खुद की गलती नहीं मानते। बरसों से लोग पंजाब मोड पर मर रहे हैं व बरसों से यहां पर सडक ठीक करने की बातें हो रही हैं। हर हादसे के बाद अफसरों को लताड़ पिलाई जाती है व दो तीन दिन में बात आई गई हो जाती है। फिर कोई मरता है व फिर से बातें शुरू हो जाती है। इस बार भी यही हो रहा है। सामूहिक प्रयास करके सारे काम को छोड कर तुरंत एलिवेटेड रोड का काम शुरू करवाने के बजाय एक्सीडेंट के लिए बदनाम हो चुके पंजाब मोड को लेकर राजनीति हो रही है। डिप्टी सीएम दीया कुमारी रविवार को पाली के बाली में देसूरी नाल में 8 दिसंबर को हुए स्कूली बस हादसे वाली जगह को देखने गईं व अफसरों से कहा कि इससे तो अच्छा होता कि यहां पर पेंट ही कर दो, बहाने मत बनाओ। यदि सडक खराब थी तो सांसद विधायक क्या कर रहे हैं। बडे अफसर क्यों कर रहे है। क्या इस मामले में अब तक कोई सस्पेंड हुआ। यह सवाल खडे हो रहे हैं। आपको बता दें कि राजसमंद में पिकनिक मनाने जा रहे स्कूली बच्चों से भरी बस पलटने पिछले संडे को पलट गई थी। तीन छात्राओं की मौत हो गई थी। रविवार सुबह डिप्टी सीएम दीया कुमारी मौके पर पहुंचीं। इस दौरान वे सड़क पर पेचवर्क देखकर गुस्सा हो गईं। उन्होंने अधिकारियों से कहा- लीपापोती कर दी, इससे अच्छा तो पेंट ही कर दो। पेचवर्क के बारे में पूछा, तो अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा- जहां भी मैं जाती हूं या कोई मंत्री जाते हैं, तो पेचवर्क कर दिया जाता है। ऐसा क्यों? हमें काम देखने दो। जब काम करो, तो ऐसा करो कि वह पूरी तरह से सही हो। इस तरह के पेचवर्क का कोई मतलब नहीं है, यह सिर्फ पैसा वेस्ट करने जैसा है। अगली बार ऐसा न करें। यह नेशनल हाईवे की सड़क है, जिसे राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन जल्द हैंड ओवर करेगी। प्रोसेस में थोड़ा टाइम लग सकता है। सड़क को सुधारने के लिए अधिकारियों को एक महीने का समय दिया गया है। इसका लगातार फॉलोअप किया जाएगा। मेरे लिए यह रूट प्राथमिकता है, इसे चाहे स्टेट बनाए या केंद्र बनाए। वॉल बनाने और बैरिकेड्स लगाने का काम तो तुरंत ही हो जाएगा। इसके साथ ओवरलोडिंग पर प्रशासन को ध्यान होगा। मौके पर जिला प्रशासन के साथ पीडब्ल्यूडी, आरएसआरडीसी के जयपुर में अधिकारियों को बुलाया गया था। देसूरी नाल में अब तक 1 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। आठ किलोमीटर वाले घाट सेक्शन में हादसों का खतरा रहता है। पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्यमंत्री ओटाराम देवासी की मां दोली बाई के निधन पर शोक दीया कुमारी शोक जताने भी पहुंची।

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