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चौरासी सीट का विश्लेषण : 7.42 प्रतिशत कम वोटिंग के बावजूद दोनों प्रमुख दलों में जीत का कॉन्फिडेंस नहीं

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24 न्यूज अपडेट. डूंगरपुर। चौरासी विधानसभा सीट पर इस बार पिछले चुनावों से कम वोट पड़े हैं जो दोनों प्रमुख दलों को उत्साहित करने वाले तो हैं लेकिन वोटों का प्रतिशत इतना कम नहीं गया कि जीत की कोई संभावना बनती दिखाई दे रही हो। कांग्रेस की ओर से इस बार चुनाव में कोई खास उत्साह नहीं दिखाया गया तथा पूरा का पूरा प्रचार वन टू वन पर ही केंद्रित रहा तो भाजपा ने इस बार फील्ड में अपने सारे घोड़े दौड़ा दिए। इनमें कुछ प्रशासनिक वास्ता रखने वाले अदृश्य घोड़े भी शामिल थे जिन्होंने हर प्रकार से मदद का काम किया। भाजपा का कैंपेन का केनवास ज्यादा बड़ा व व्यापक रहा। उसमें साम, दाम, दंड और भेद चारों के दर्शन लगातार वोटरों को होते रहे। इसके साथ ही आदिवासियों के उत्थान से लेकर उनके अतीत तक की बातों ने भी लोगों को चुनावी आत्म मंथन का नया संदर्भ व मौका दिया। भाजपा की बोई सघन प्रचार की इस अगेती फसल का क्या लाभ होता है यह तो चुनाव परिणामों से ही पता चलेगा मगर वोटिंग के बाद केवल यही चर्चा है कि दोनों प्रमुख दलों के वोट बढ़ेंगे, जीत की कोई भी निर्णायक ताल नहीं ठोक रहा है। पूछने पर सभी जीत के दावे जरूर करते नजर आ रहे हैं। अंदर से कान्फिडेंस नहीं आ पा रहा है। इस बीच बाप पार्टी इस बार भी जीत के प्रति आश्वस्त दिखाई दे रही है। उसे विश्वास है कि तमाम आर्थिक झंझावतों के बीच उनका आइडियोलॉजी वाला कोर वोटर इस बार भी अडिग ही रहेगा। उनका जो कैम्पेन का तरीका है वह इस बार भी कामयाब होगा, फिर चाहे सोशल मीडिया व मुख्य धारा के मीडिया में चाहे जो प्रचारित व प्रसारित किया गया हो, कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। लेकिन लीड राजकुमार रोत जैसी की उम्मीद होगी यह काई भी कहने को राजी नहीं है।
अब आंकडों की बात करते हैं। बार विधानसभा चुनावों के ठीक 11 महीने बाद उपचुनाव में वोटिंग पर्सेंटेज गिर गया। 7.42 पर्सेंट वोटिंग में कमी आई है। चौरासी में 74.34 पर्सेंट वोट गिरे है। जबकि 2023 के विधानसभा चुनाव में चौरासी में रिकॉर्ड 81.76 पर्सेंट वोटिंग हुई थी। चौरासी में कुल 10 कैंडिडेट मैदान में थे। जिसके लिए 2 लाख 55 हजार 375 मतदाताओं को मतदान करना था। बुधवार को वोटिंग में 1 लाख 89 हजार 858 वोट गिरे। जो कुल वोटर का 74.34 पर्सेंट है। जबकि 2023 के विधानसभा चुनावों पर नजर दौड़ाए तो यहां 81.76 पर्सेंट की रिकॉर्ड वोटिंग हुई थी, लेकिन 11 महीने में ही राजकुमार रोत के सांसद बनने से उपचुनाव में 7.42 पर्सेंट की वोटिंग कम हो गई। 2023 विधानसभा चुनाव में राजकुमार रोत ने 69 हजार से ज्यादा के रिकॉर्ड अंतर से भाजपा के सुशील कटारा को हराया था। वोटिंग पर्सेंटेज में कमी की वजह से हार जीत के अंतर में भी काफी फर्क पड़ने की संभावना जताई जा रही है। 1 लाख 30 हजार 647 पुरूष वोटर्स में से 97 हजार 212 ने मतदान किया। 1 लाख 24 हजार 727 महिला वोटर्स में से 92 हजार 645 ने ही मतदान किया। वहीं, एक ट्रांसजेंडर ने भी मतदान किया। चौरासी उपचुनाव में राजकीय प्राइमरी स्कूल बरूनाडा में सबसे ज्यादा 91.81 पर्सेंट की रिकॉर्ड वोटिंग हुई हैं। यहां 218 वोट पड़े है। वहीं, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बाँकडा (राइट पार्ट) मतदान केंद्र में सबसे कम 56.81 पर्सेंट वोटिंग हुई है।

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