24 news update. bhilwada. भीलवाड़ा के दांथल गांव में एक निर्माणाधीन मकान पर खेलते समय 4 साल की बच्ची वाटर टैंक में गिर गई, जिससे उसकी जान चली गई। मध्य प्रदेश के रहने वाले मजदूर सीताराम अपनी पत्नी और बेटी लक्ष्मी (4) के साथ वहां काम कर रहे थे। सोमवार शाम लक्ष्मी खेलते-खेलते मकान के बाहर बने पानी के टैंक में गिर गई। जब वह कुछ देर तक नजर नहीं आई, तो पिता ने तलाश शुरू की। टैंक में झांकने पर लक्ष्मी पानी में डूबी मिली। परिजन तुरंत उसे महात्मा गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार गहरे सदमे में है और बिना पोस्टमॉर्टम कराए शव अपने साथ ले गया।
सुरक्षा को लेकर सवाल
इस हादसे ने कंस्ट्रक्शन साइट्स पर सुरक्षा उपायों की जरूरत को फिर से उजागर कर दिया है। खुले टैंकों को ढकने और बच्चों की सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूकता की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
| सुरक्षा उपाय | विवरण |
|---|---|
| खुले टैंकों को ढकना | सभी वाटर टैंकों और गड्ढों को मजबूत ढक्कन या बैरिकेड्स से ढकना अनिवार्य हो। |
| सुरक्षा संकेतक लगाना | खतरनाक क्षेत्रों में “सावधान”, “यहाँ खेलना मना है” जैसे बोर्ड लगाने चाहिए। |
| बच्चों की पहुंच सीमित करना | निर्माण स्थल को चारदीवारी या बैरिकेड्स से घेरकर बच्चों और अनजान लोगों की एंट्री रोकी जाए। |
| मजदूरों के परिवारों के लिए अलग क्षेत्र | मजदूरों के रहने और बच्चों के खेलने के लिए साइट से अलग सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाए। |
| रात में उचित रोशनी | निर्माणाधीन जगहों पर पर्याप्त लाइटिंग हो ताकि कोई गलती से खतरनाक क्षेत्र में न जाए। |
| सुरक्षा प्रशिक्षण | मजदूरों को सुरक्षा नियमों की जानकारी दी जाए और उन्हें जागरूक किया जाए। |
| इमरजेंसी सुविधा | प्राथमिक चिकित्सा किट और नजदीकी अस्पतालों की जानकारी साइट पर मौजूद हो। |
| रेगुलर इंस्पेक्शन | साइट पर नियमित रूप से सुरक्षा जांच की जाए ताकि किसी भी अनदेखे खतरे को समय पर रोका जा सके। |

