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ऑपरेशन फिक्सिट : कोटा में स्टूडेंट बनकर फर्जी नाम से रह रही 25 हजार की ईनामी वर्षा, डमी अभ्यर्थी बनकर लाखों कमाए, कईयों को करा चुकी है पास

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24 न्यूज अपडेट. जयपुर। डमी अभ्यर्थी बनकर एसआई भर्ती 2021 धांधली मामले में महिला अभ्यर्थियों की नैया पार करवा कर मोटी रकम ऐंइनी वाली वर्षा बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया गया है। आज सुबह जोधपुर रेंज की टीम ने कोटा में एक पीजी से वर्षा को धर दबोचा। वो वहां पर स्टूडेंट बनकर फरारी काट रही थी। एसओजी अब छह महीने से वांटेड और 25 हजार की ईनामी वर्षा बिश्नोई से पूछताछ करेगी। वर्षा जालोर के सांचौर के सरनाऊ गांव की रहने वाली है। वर्षा जोधपुर में सरकारी टीचर थी। उसके बाद वह डमी अभ्यर्थी बनकर कई परीक्षाएं दे चुकी है। राजस्थान पुलिस एसआई भर्ती-2021 में उसने एसआई जगदीश सिहाग के कहने पर बहन इंदुबाला और भगवती की जगह डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा दी। इसके लिए 15-15 लाख रूपए वसूल किए। वर्षा बिश्नोई इंदुबाला और भगवती के एडमिट कार्ड पर खुद की फोटो लगा कर डमी बनी व परीक्षा पास करवाई। एसआई जगदीश सिहाग को मार्च 2024 में एसओजी ने धर दबोचा था। तब जोधपुर में फस्र्ट ग्रेड टीचर वर्षा बिश्नोई का नाम सामने आया। जांच में पता चला कि वर्षा कुछ और कॉम्पिटिशन एग्जाम में भी डमी कैंडिडेट बनी थी। उसको डमी कैंडिडेट बनकर एग्जाम देने व पैसे कमाने का चस्का लग गया था। मोटी रकम वसूल कर रही थी।
जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार ने मीडिया को बताया कि बताया- पेपर लीक कांड की जांच एसओजी के पास है। करीब 6 महीने से वर्षा पर 25 हजार का इनाम था। ऑपेरशन डॉक्टर फिक्सिट के आधार पर वांटेड इनामी वर्षा बिश्नोई की तलाश शुरू की गई। डॉक्टर फिक्सिट नाम रखने के पीछे कारण था कि पेपर लीक हुआ था और वांटेड का नाम वर्षा था।
पिछले तीन महीने के कोशिश के बाद उसकी कोटा की लोकेशन मिली। सोमवार सुबह जब टीम ने कोटा के जवाहर नगर इलाके में वर्षा बिश्नोई को पकड़ा तो वह एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर के घर पर फर्जी डॉक्यूमेंट व नाम बदलकर पीजी के रूप में रह रही थी। टीम के पहुंचने पर उसने खुद का नाम विमला बताया। फर्जी आधार कार्ड दिखाया। सख्ती से पूछताछ की गई तो वर्षा बिश्नोई ने सही नाम उगल दिया। वर्षा ने भगवती और इंदूबाला की जगह डमी कैंडिडेट के रूप में एग्जाम दिया था। उसने एक प्रवेश पत्र में चश्मे के साथ फोटो और दूसरे पर बिना चश्मे के साथ फोटो लगाई थी, ताकि पकड़ी नहीं जाए।

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