24 News Update उदयपुर, गंगूकुण्ड स्थित इस्काॅन मन्दिर की ओर से 27 जून को आयोजित विशाल रथ यात्रा की तैयारी अन्तिम रुप मे चल रही है। इस्काॅन अध्यक्ष मायापुर वासी प्रभु ने बताया कि पुरी परम्परानुसार गुण्डिचा मार्जन के अन्तर्गत रथयात्रा की पूर्व सन्ध्या 26 जून को मन्दिर के वैष्णव भक्त व माताओ के हाथो पूरी साफ-सफाई धुलाई कर मार्जन किया जाएगा। जबकि सभी भगवाधारी ब्रह्मचारी वैष्णव वृन्दावन के देवहरि प्रभु के संकीर्तन दल के सानिध्य मे इस्काॅन शैली मे पूरे मार्ग मे मृदंग मंजीरे करताल बजाते,नाचते कूदते गाते हरिनाम संकीर्तन करते चलेगें।जो आकर्षण का केंद्र होगा। मिडिया प्रभारी डाॅ.बालकृष्ण ने बताया कि 22 से 26 जून तक सायंकाल रथयात्रा से पूर्व जगन्नाथ कथा का आनन्द बरसने लगा। हनुमानगढ से आए शास्त्र स्वरुप प्रभु ने बुधवार को बताया कि वृन्दावन मे माधुर्य महाभाव है,जबकि द्वारका मे ऐश्वर्यभाव होने से बहुत अन्तर है।पुरी के मन्दिर बनने की रोचक कथा मे बताया कि किस प्रकार राजा प्रद्युम्न ने ब्राह्माण विद्यावती को घने जंगल मे भेज अत्यंत सुंदर मनमोहक नीलमाधव भगवान का पता लगवाया। रथयात्रा के दर्शन भाव मन मे आना भी पुण्यदायक है।और दर्शन मात्र से पाप नष्ट हो जाते है।पद्मपुराण के अनुसार रथयात्रा मे शामिल होने से यज्ञ के बराबर पुण्य,जबकि रस्से से खींचने या स्पर्श मात्र से सारे पाप मिट जाते है,अलौकिक पुण्य मिलता है। आषाढ मास की इस विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का तीनो लोक के देवी देवता स्वागत सत्कार कर पुष्पाभिषेक करते है।जो विश्व का सबसे बड़ा पौराणिक रथयात्रा महा महोत्सव है। जो भाई बहन के अलौकिक प्रेम के साथ सामुदायिकता का भी सन्देश देता है,जो श्रृद्धा विश्वास का जीता जागता उदाहरण है।मायापुरवासी के अनुसार भक्तो के हाथो से निर्मित फूलमालाओ से सुसज्जित भव्य रथ पर जगन्नाथ प्रभु सुभद्रा बलराम जी को प्रात: ठीक 9 बजे विराजमान कर वैष्णव भक्त माताऐ रस्से से खींचते हुए नागदा रेस्टोरेंट होते हुए यूनिवर्सिटी मार्ग से मुख्य द्वार पर पहुँचेगी। वहां स्वागत आरती पश्चात सन्तरेसा स्कूल के बाहर से बोहरा गणेश जी चौराहे पर आने पर विभिन्न संस्थाओ दलो समाजसेवियो व गणमान्य जनो के द्वारा अगवानी कर भव्य विशाल महा आरती की जायेगी। पश्चात धूलकोट, आयड, आनन्द प्लाजा,विश्व विद्यालय मार्ग होते हुए मध्यान्ह मे पुन: इस्काॅन मन्दिर पहुँचेगी। मार्ग के निवासी,दुकानदार विभिन्न समाजसेवी, व्यापारी वर्ग आगे आकर सेवा देने को तत्पर हो रहे है। जो जगह जगह स्वागत द्वार, विभिन्न काउंटर लगा रथयात्रियो का स्वागत सत्कार कर जलपान करा सेवा देवेंगे। वही इस्काॅन वैष्णव भक्त माताऐ रथ के आगे आगे झाड़ू बुहारते चलेगें,तो पीछे पीछे सेवक पवित्र हुए मार्ग से कचरा उठाकर थैले मे भरते चलेगें ताकि जिस पावन मार्ग से यात्रा निकली वो मार्ग पवित्र साफ-स्वच्छ रहे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation रेयांश उपाध्याय का गोल्ड मैडल जीतने पर स्वागत, किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्टेट चैंपियन बना रेयांश आपातकाल के सेनानियों का सम्मान: अधिवक्ता परिषद ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं को किया सम्मानित