24 न्यूज अपडेट. उदयपुर। आदमखोर पेंथर ने झाड़ोल के सालूखेड़ा में एक युवक को मौत के घाट उतार दिया है। यह जानकारी मिलते ही लोगों में दहशत छा गई है। जंगल के अलग-अलग इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। इससे पहले कल पेंथर ने एक बच्ची का शिकार कर लिया था। उदयपुर में दो पेंथर को पकड़ने के बाद से माना जा रहा था कि यही वे पेंथर हैं जो आदमखोर हुए हैं लेकिन अब शक गहरा गया है कि कहीं कुछ और पेंथर भी तो आदमखोर नहीं हो गए हैं। मौतों का सिलसिला रुक ही नहीं रहा है। इससे पहले गोगुंदा इलाके में बुधवार को पेंथर ने 5 साल की बच्ची का शिकार कर लिया था। जंगल में बच्ची की कटी हुई हथेली मिली व कुछ दूर पर शव पड़ा मिला। गांव वाले शव को देख ही रहे थे कि झाड़ियों के बीच से पेंथर आया और शव को उनकी आंखों के सामने से उठा कर ले गया। इसके बाद सर्च ऑपरेशन चला और आज करीब 17 घंटे बाद दोपहर 12 बजे बच्ची का धड़ ही मिल पाया। पिछले 10 दिन में पांचवां शिकार है। झाड़ोल में आज युवक को शिकार बनाने की खबर आते ही सब लोग सहम गए आखिर पेंथर ओर कितनी जानें लेगा। झाड़ोल के सालू खेड़ा के सरना के पास की घटना बताई जा रही है। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके लिए रवाना हो चुकी है।इधर कल शाम करीब सात बजे मजावद ग्राम पंचायत के कुडाऊ की भील बस्ती में नाले के पास हाथ-पांव धो रही सूरज पुत्री गमेर लाल गमेती पर पेंथर ने अचानक घात लगा कर हमला कर दिया। आस-पास खड़े बच्चे देखते ही रह गए और पेंथर बच्ची को लेकर चला गया। उन बच्चों के शोर मचाने पर गांव वाले आए। वे बच्ची सूरज को खोजने निकले। जंगल जंगल छान मारा। घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर बच्ची की कटी हथेली मिली। उससे थोड़ा आगे क्षत-विक्षत शव मिला। चेहरे और बाएं हाथ को पेंथर खा गया था। उस बच्ची को देख कर गांव वाले चर्चा कर ही रहे थे कि झाड़ियों के बीच से पेंथर आया और बच्ची का शव खींच कर ले गया।इस बीच हंगामा हो गया व रास्ता जाम कर दिया गया। पेंथर को पकड़ने अलग-अलग टीमें आई। लोगों ने गोगुंदा-झाड़ोल मार्ग को भी दोपहर करीब 12 बजे जाम रखा। अभी कुडाऊ गांव की भील बस्ती के पास रात करीब 11 बजे पिंजरा लगा दिया है। इससे पहल ेपेंथर गोगुंदा थाना क्षेत्र के छाली ग्राम पंचायत के उंडीथल, भेवड़िया और उमरिया में भी जान ले चुका है। दो तीन पहले तक महज डेढ़ किमी दायरे में 3 पेंथर का मूवमेंट देखा गया था। नए पेंथर का पता चलते ही गोगुंदा, देवला और मावली रेंज के 15 कर्मचारियों की टीम को एक्टिव कर दिया था। बावजूद इसके पेंथर बच्ची का शिकार कर ले गया।सेना ने चलाया था सर्च ऑपरेशनपिछले दिनों इलाके में पेंथर के बढ़ते हमलों को देखते हुए चार जिलों की वन विभाग की रेस्क्यू टीमों और सेना की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। उमरिया के समीप लगाए गए तीन पिंजरों में से दो पिंजरों में 23 सितंबर की रात एक से दो बजे के बीच दो पेंथर कैद हुए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने वन विभाग की पीठ थपथपाई थी मगर नए मामलों से खुशियां काफूर हो गई हैं। अब तक पकड़े गए दो पेंथरों को उदयपुर के बायोलॉजिकल पार्क में रखा गया है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation सत्संग का आयोजन, एक से बढ़कर एक दी प्रस्तुति बड़गांव में गवरी का समापन : गवरी वलावण शोभायात्रा में उमड़ा धर्म उत्साह, गवरी दल के प्रमुख पंत ने दी अग्नि परीक्षा