24 न्यूज अपडेट. नेशनल डेस्क। असम में बाढ़ की वजह कई जिलों में भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। करीमगंज में भूस्खलन से पांच लोगों की मौत हो गई। राज्य में बाढ़ की वजह से 15 जिलों के 1.61 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ की वजह से राज्य में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक असम में बाढ़ की वजह से अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़ की वजह से ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर बढ़ गया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदी कोपिली का जलस्तर नागांव जिले के कामपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गुवाहाटी में लगातार बारिश होने की भविष्यवाणी की है। असम में लगातार भारी बारिश और बाढ़ की वजह से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। राज्य में जारी लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और बराक के अलावा विभिन्न सहायक नदियों के जलस्तर बढ़ता जा रहा है। असम के तामुलपुर, बोंगईगांव, करीमगंज, लखीमपुर, उदलगुड़ी, दरांग, धेमाजी, नगांव, होजाई, चिरांग, बारपेटा, बक्सा, नलबाड़ी ,गोलपाड़ा जिलों में बाढ़ से जन जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है. बाढ़ से सबसे खराब स्थिति करीमगंज जिले की है, जहां कई घरों में बाढ़ का पानी घुसने से इलाके में स्थिति गंभीर हो गई है. करीमगंज जिले के 192 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. वहीं, बोंगाईगांव जिले में 59, नगांव में 11, तामुलपुर जिले में 13 और होजाई जिले में 9 गांव प्रभावित हुए हैं। राज्य के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार बाढ़ से अब तक लोगों को 39,806 पशुधन का नुकसान हुआ है. सबसे अधिक पशुधन क्षति करीमगंज जिले में हुई है. इतना ही नहीं बाढ़ की वजह से 45.7 हेक्टेयर कृषि भूमि को क्षति हुई है. इनमें से सबसे बड़ी कृषि भूमि बोंगाईगांव जिले में है. वहीं, इन प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सरकार ने राहत शिविर बनाए हैं. बाढ़ पीड़ित सरकार द्वारा बनाये गये 3168 आश्रय शिविरों में शरण ले रहे हैं। बाढ़ के कारण विभिन्न स्थानों पर परिवहन व्यवस्थाएं बाधित हो गई हैं. बोंगाईगांव, नागांव, तामुलपुर, होजई, बारपेटा और नलबाड़ी जिलों में कई स्थानों पर यातायात सेवा प्रभावित हुई हैं। होजाई-हमरेन राजमार्ग बंद कर दिया गया है. होजाई पश्चिम कार्बी आंगलोंग में हाम्रेन राजमार्ग को जोड़ने वाली सड़क कल सुबह से बंद है. उमरांगसो जलविद्युत परियोजना के अधिकारियों द्वारा सात स्विच गेट खोलने के कारण कपिली में पानी बढ़ गया है. वहीं बाढ़ के पानी की वजह से जगह-जगह कटाव जारी है. कुछ स्थानों पर बाढ़ का पानी किसी भी समय तटबंधों को बहा ले जाने के कगार पर है. कामपुर में कपिली नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण जिला प्रशासन ने माइक के माध्यम से लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
असम में बाढ़ से बिगड़े हालात, 15 जिलों के 1.16 लाख लोग प्रभावित

Advertisements
