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असम में बाढ़ से बदतर हालात, चीनी सीमा के इलाकों से संपर्क कटा; बह गए पुल, काजीरंगा टाइगर रिजर्व में 61 वन शिविर डूबे, पलायन कर रहे पशुओं की सुरक्षा के लिए धारा-144, ईटानगर में 2 से 6 तक स्कूल बंद, पीएम मोदी व गृहमंत्री शाह ने किया सीएम को फोन

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24 न्यूज अपडेट. नेशनल डेस्क। असम में बाढ़ की स्थिति बद्तर होती जा रही है। जलस्तर बढ़ने से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर, रिजर्व के 233 वन शिविरों में से 26 प्रतिशत से अधिक जलमग्न हो गए हैं। भारत-चीन सीमा पर भी कई इलाकों से सड़क मार्ग का संपर्क कट गया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के अनुसार बाढ़ प्रभावित जिलों की संख्या 12 से बढ़कर 19 हो गई है। ईटानगर में भारी बारिश हो रही है और से 2 से 6 जुलाई तक स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया है। पूर्वी कामेंग जिले में कुरुंग नदी पर बना पुल बाढ़ में बह गया। कई घर भी बाढ़ की चपेट में आ गए। असम में 8 हजार लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। तिनसुकिया जिले में 35 लोगों की मौत हो गई है। काजीरंगा वन्य जीव अभयारण्य का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया है। जानवर ऊंचे स्थान की तलाश में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-715 पार कर पूर्वी कार्बी आंगलोंग जिले के दक्षिणी हिस्से की ओर जा रहे हैं। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व में 61 वन शिविर डूब गए हैं। जलमग्न वन शिविरों में अगोराटोली रेंज के 22, काजीरंगा के 10, बागोरी के आठ, बूढ़ापहाड़ के पांच और बोकाखाट के छह शिविर शामिल हैं। गोलाघाट जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है है ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 715 को पार करने वाले जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह राजमार्ग काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से होकर गुजरता है। जानवर अस्थायी रूप से कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के अंतर्गत आने वाले प्राकृतिक ऊंचे इलाकों (पहाड़ियों) पर आश्रय के लिए प्रवास करने के लिए गलियारों का उपयोग करते हैं। सोमवार से लागू निषेधाज्ञा के मुताबिक किसी भी व्यावसायिक वाहन को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा केवल निजी वाहन ही दिन के समय नियंत्रित गति से चल सकेंगे। केवल स्थानीय निजी वाहन को ही रात को राष्ट्रीय उद्यान से गुजरने की अनुमति होगी।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को असम में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की और संकट से निपटने के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिया। ब्रह्मपुत्र और उसकी सभी सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले दो से तीन दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा, ’प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुझे फोन कर स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है।’ अधिकारियों ने बताया कि ब्रह्मपुत्र और बराक घाटियों सहित 14 जिलों में कुल 2,70,628 लोग बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे हैं।

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