24 न्यूज अपडेट उदयपुर। सरकार की ओर से अग्निपथ योजना में बदलाव की कल खूब खबरें वाट्सएप पर चली थी व मैसेज में कहा गया था कि अब चुनावों के बाद सबसे पहले इसमें बदलाव किया जा रहा है व इसे पूरी तरह से बदल दिया जाएगा। इस बीच आज इस योजना को फिर से शुरू करने की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए सोशल मीडिया पर चल रहे इस आशय के संदेश को फर्जी बताया गयां। पीआईबी की ओर से सरकार ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है। प्रेस सूचना ब्यूरो ने अपने एक्स हैंडल पर स्पष्ट किया, “एक फर्जी व्हाट्सएप संदेश में दावा किया गया है कि अग्निपथ योजना को कई बदलावों के साथ समीक्षा के बाद ’सैनिक सम्मान योजना’ के रूप में फिर से शुरू किया गया है, इसमें सेवा की अवधि को बढ़ाकर 7 साल करना, 60 प्रतिशत स्थायी कर्मचारी और बढ़ी हुई आय शामिल है… भारत सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है।“ आपको बता दें कि अग्निपथ योजना की आलोचना इसके लागू होने के साथ ही हो रही थी। विपक्ष ने लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान आक्रामक रूप से इसे मुद्दा बनाया था जिसका उसे लाभ भी हुआ। अग्निपथ योजना एक “टूर ऑफ़ ड्यूटी स्टाइल“ योजना है, जिसे सितंबर 2022 में सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं में कमीशन प्राप्त अधिकारियों से नीचे के रैंक के सैनिकों की केवल चार साल की भर्ती के लिए लागू किया गया था। इस प्रणाली के तहत भर्ती किए गए कर्मियों को अग्निवीर कहा जाता है।
अग्निपथ योजना में बदलाव की खबरों को पीआईबी ने बताया फेक

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