उदयपुर। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा को फायर एनओसी में लगने वाले उपकरणों एवं मापदंडों के नियम बनाने की मांग करते हुए होटल एसोसिएशन ने ज्ञापन दिया। इसमें बताया गया कि राजस्थान नगर पालिका अधिनियम-2009 के तहत भवनों को फायर एनओसी लेना अनिवार्य है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से कौन से भवनों में और उनके शुल्क एवं नवीनीकरण के नियम बना रखे हैं। परंतु फायर एनओसी लेने के लिए भवनों में कौन-कौन से उपकरण लगाने है एवं किन मापदंडों के तहत लगाने हैं उसके नियम राज्य सरकार द्वारा नहीं बनाऐ गये। इन नियमों के अभाव में नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 के तहत मापदंडों/उपकरणों को लगाने पड़ते हैं जो की काफी खर्चीले होते हैं और इन्हें लगाने में भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है एवं इनके मापदंडों को भी पूरा नहीं किया जा सकता हैं।
इसमें निवेदन है कि प्रदेश की परिस्थितियाँ अन्य राज्यों से अलग है राजस्थान एक मरू प्रदेश है एवं इसकी भौगोलिक बनावट और बसावट भी अन्य राज्यों के मुकाबले अलग है यहां पर पानी भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध नहीं होता है। साथ ही दुनिया के बेहतरीन हेरिटेज भवन भी प्रदेश में स्थित हैं जिसमें इन उपकरणों को लगाने से इनका हेरिटेज स्वरूप भी बिगड़ता है एवं पुराने भवनों में इन्हें लगाने में भी भारी परेशानी होती है।
ऐसे में इन परिस्थितियों को देखते हुए फायर एनओसी में लगने वाले उपकरणों एवं मापदंडों के लिए प्रदेश में अलग से नियम बनाए जाएं ताकि भवनों को सरलता एंव सुगमता से एनओसी प्राप्त हो सके। साथ ही प्रदेश के नियम ना बने तब तक उक्त नियमों में शिथिलता प्रदान करें। उचित निर्णय लें जिससे कि सुरक्षा की दृष्टि से सभी को राहत मिल सके। यह जानकारी राकेश चौधरी सचिव- होटल संस्थान दक्षिणी राजस्थान व अध्यक्ष(उदयपुर संभाग)- होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान ने दी।
Discover more from 24 News Update
Subscribe to get the latest posts sent to your email.