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मौसम अपडेट : उदयपुर संभाग में तीव्र मेघगर्जन के साथ बारिश और कहीं-कहीं वज्रपात की चेतावनी

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24 न्यूज अपडेट. जयपुर। मौसम विभाग की ओर से आज 26 जून को एक बार पुनः जयपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर, जोधपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में दोपहर बाद तीव्र मेघगर्जन बारिश होने व कहीं-कहीं वज्रपात होने की प्रबल संभावना है। कहा गया है कि कृपया मेघगर्जन के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लें व विशेष सावधानी बरतें। इधर, मानसून ने मंगलवार शाम को उत्तर प्रदेश में एंट्री ले ली। पहली बार मानसून ललितपुर के रास्ते दाखिल हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून 2-3 दिनों में पूर्वी प्रदेश के ज्यादातर जिलों में पहुंच जाएगा। इससे पहले मंगलवार दिन में मानसून राजस्थान में दाखिल हुआ था। मंगलवार देर शाम को जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के कई जिलों में 2 इंच तक पानी गिरा। भरतपुर में बिजली गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई। करौली जिले के टोडाभीम में 5 लोग झुलस गए। पूरे प्रदेश में आज मध्यम और 27-28 जून के बीच कोटा, भरतपुर संभाग के जिलों में भारी बरसात का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने आज राजस्थान के सभी 33 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इधर, उत्तर प्रदेश में 2, राजस्थान में 2 और बिहार में पांच लोगों ने जान गंवाईं। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए 21 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात, गोवा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं। अनुमान है कि 1-2 दिन में मानसून पूरे मध्य प्रदेश, पूरे बिहार, पूरे झारखंड, पूरे पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से को कवर कर लेगा। 27 जून तक मानसून दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में एंट्री ले सकता है और 3 जुलाई तक इन राज्यों को पूरी तरह कवर करके आगे बढ़ेगा। इधर, असम में बाढ़ के चलते मंगलवार को एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ ही इस साल अब तक असम में बाढ़, लैंडस्लाइड और तूफान के चलते जान गंवाने वालों की संख्या 41 हो गई है। वहीं सात जिलों के 1.5 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, असम के छह जिलों के 556 गांव डूबे हैं और 1,547.35 हेक्टेयर फसल नष्ट हो चुकी है। इन छह जिलों में 149 रिलीफ कैंप बनाए हैं, जहां 26,412 लोगों ने शरण ले रखी है।

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