24 News Update बीकानेर। धार्मिक आस्था और सत्संग की आड़ में नाबालिगों का शोषण करने वाले एक फर्जी बाबा का भंडाफोड़ हुआ है। खुद को सिद्ध बाबा बताने वाला आरोपी ललित पुत्र नारायणराम मासूम बच्चों को पैर दबाने और सेवा करने के बहाने अपने पास बुलाता था और उनके साथ गलत हरकतें करता था। पुलिस ने इस बाबा को गिरफ्तार कर लिया है और उसे जेल भेज दिया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
कैसे खुला बाबा का राज?
करीब 15 दिन पहले जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना पुलिस को एक युवक ने रिपोर्ट दी थी कि पवनपुरी इलाके में रहने वाला ललित सत्संग और पूजा-पाठ के नाम पर बच्चों को बहला-फुसलाकर उनके साथ अनुचित हरकतें करता है। रिपोर्ट के साथ पुलिस को कुछ सबूत भी सौंपे गए, जिसके बाद जांच शुरू हुई। पुलिस ने इलाके के लोगों से पूछताछ की तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
बुधवार, 26 मार्च को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, और गुरुवार को अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस मामले की शिकायत उस युवक ने की, जो 2020 में खुद इस बाबा का शिकार हुआ था। अब वह बालिग हो चुका है और उसने हिम्मत जुटाकर पुलिस से संपर्क किया। इस युवक के अलावा चार अन्य पीड़ितों ने भी अपनी शिकायत दर्ज कराई है।
पूजा-पाठ के नाम पर बुलाकर करता था शोषण
आरोपी ललित ने अपने घर में एक छोटा सा मंदिर बना रखा था, जहां वह सत्संग और पूजा-पाठ करता था। पूजा खत्म होने के बाद वह नाबालिग लड़कों और युवकों को सेवा-पूजा के नाम पर रोक लेता था और फिर उनके साथ गलत हरकतें करता था। वह महिलाओं को आशीर्वाद देने के लिए हाथ भी नहीं लगाता था, ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस को मिले अश्लील वीडियो, जांच जारी
आईपीएस विशाल जांगिड़ ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के पास से कुछ अश्लील वीडियो भी बरामद किए हैं, जिससे इस बात के प्रमाण मिले कि वह लंबे समय से इस घिनौने काम में लिप्त था। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि इस कृत्य में और कौन-कौन शामिल था।
पीड़ितों को मिल रही धमकियां
इस घटना के सामने आने के बाद पीड़ितों को आरोपी के समर्थकों की ओर से धमकियां मिल रही हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि अगर कोई पीड़ितों को डराने-धमकाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सतर्क रहें, ऐसे फर्जी बाबाओं से बचें
यह घटना उन लोगों के लिए एक सबक है, जो बिना जांच-पड़ताल के किसी भी व्यक्ति को धार्मिक गुरु मान लेते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के पास अकेले न भेजें और किसी भी तरह की अनहोनी की आशंका हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

