प्रतापगढ़ | अरनोद
अरनोद कस्बे में महीनों से “जय हिंद” की गूंज के साथ रौब जमाने वाला युवक असल में कानून का रखवाला नहीं, बल्कि कानून को चकमा देने वाला निकला। खुद को राजस्थान पुलिस का जवान बताकर आमजन और दुकानदारों पर धौंस जमाने वाला यह शख्स आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी ने फर्जी वर्दी और नकली पहचान के सहारे एक सेकेंड ग्रेड शिक्षिका से शादी तक कर ली।
जिले में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उप अधीक्षक वृत्त अरनोद के सुपरविजन में थानाधिकारी अरनोद के नेतृत्व में गठित टीम ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया।
मुखबिर की सूचना से खुली पोल
24 जनवरी 2026 को अरनोद थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कस्बे में एक युवक लंबे समय से खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों को भ्रमित कर रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए हेड कॉन्स्टेबल पंकज कुमार के नेतृत्व में एक टीम को तस्दीक के लिए रवाना किया गया।
पुलिस टीम जब अरनोद बस स्टैंड के पास स्थित एक हेयर सैलून पहुंची तो वहां मौजूद दुकानदार ने एक युवक को पूरे सम्मान के साथ “जय हिंद” कहकर संबोधित किया। पूछने पर दुकानदार ने बिना झिझक बताया—“साहब पुलिस में हैं।”
वर्दी की फोटो दिखाकर करता था भरोसा
पुलिस टीम ने युवक से पूछताछ की तो उसने खुद को राजस्थान पुलिस का कर्मचारी बताते हुए मोबाइल फोन में पुलिस वर्दी पहने अपनी तस्वीरें भी दिखा दीं। शुरुआती तौर पर सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जब पुलिस लाइन प्रतापगढ़ से नाम की पुष्टि करवाई गई, तो सारा खेल खुल गया। बताया गया कि उमेश डामोर नाम का कोई भी व्यक्ति पुलिस विभाग में कार्यरत नहीं है।
शादी के लिए रची पूरी कहानी
सख्ती से पूछताछ में 23 वर्षीय उमेश डामोर निवासी पीपलखूंट टूट गया और उसने पूरा सच उगल दिया। उसने स्वीकार किया कि शादी करने के उद्देश्य से उसने राजस्थान पुलिस की फर्जी वर्दी बनवाई थी। वर्दी में फोटोशूट करवा कर सोशल मीडिया पर तस्वीरें डालीं और इन्हीं तस्वीरों के सहारे उसने एक सेकेंड ग्रेड शिक्षिका से विवाह किया।
इतना ही नहीं, आरोपी कस्बे में पुलिसकर्मी बनकर घूमता, दुकानदारों पर रौब जमाता और यहां तक कि हेयर सैलून में मुफ्त में बाल कटवाने के लिए भी खुद को पुलिस में होना बताता था।
फर्जी वर्दी और मोबाइल जब्त
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से पुलिस वर्दी में खिंचवाई गई तस्वीरें और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ ली गई फोटो बरामद की हैं। पूछताछ के दौरान उसकी निशानदेही पर फर्जी पुलिस वर्दी भी जब्त कर ली गई है।
फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और यह भी खंगाला जा रहा है कि उसने और कितने लोगों को फर्जी पहचान के सहारे ठगा। मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है कि वर्दी का रौब कितना खतरनाक खेल बन सकता है।

