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फर्जी आधार बनाकर महिला को जाल में फंसाया, पीछा व धमकियों का मामला—दो आरोपी गिरफ्तार

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24 News Update उदयपुर। महिलाओं को झूठी पहचान के सहारे विश्वास में लेकर दोस्ती करने, पीछा करने और सरकारी पहचान पत्र आधार कार्ड में कूट रचना करने के गंभीर मामले में उदयपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने बताया कि आरोपियों ने न सिर्फ फर्जी नाम से आधार कार्ड तैयार किया, बल्कि सच्चाई सामने आने के बाद भी महिला को परेशान करना और उसके परिजनों को धमकाना जारी रखा। एसपी गोयल के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में शौकीन मोहम्मद (26) निवासी फारूक आजम कॉलोनी, मल्ला तलाई हाल छोटी कुंजरवाड़ी, सविना तथा मुजफ्फर नजर उर्फ बंटी उर्फ वसीम उर्फ टोपा (40) निवासी गोसिया कॉलोनी, किशनपोल थाना सूरजपोल शामिल हैं। मामले में पुलिस थाना सविना में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार आरोपी शौकीन मोहम्मद ने अपनी असली पहचान छुपाते हुए ‘शिवम मीणा’ के नाम से फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर महिला से दोस्ती की। जब महिला को उसकी वास्तविक पहचान का पता चला और उसने संपर्क तोड़ दिया, तब भी आरोपी ने पीछा करना और परिवार को धमकाना बंद नहीं किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि फर्जी आधार कार्ड तैयार करने में मुजफ्फर नजर की अहम भूमिका रही। वर्ष 2022 में उसने अपने मोबाइल के जरिए शौकीन मोहम्मद की फोटो को आधार कार्ड के फॉर्मेट में एडिट कर ‘शिवम मीणा’ नाम से नकली आधार कार्ड की फोटोप्रति तैयार की और उसे उपलब्ध कराई। यह दस्तावेज महिला को विश्वास में लेने के लिए इस्तेमाल किया गया।
प्रकरण संख्या 11/2026 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं, भारतीय दंड संहिता की कूट रचना व धोखाधड़ी संबंधी धाराओं, आधार अधिनियम 2016 तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) उमेश ओझा के सुपरविजन और वृत्त नगर पूर्व के पुलिस उप अधीक्षक सूर्यवीर सिंह के नेतृत्व में जांच की जा रही है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले आरोपी मुजफ्फर नजर को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह के फर्जी दस्तावेज और कितने बनाए गए और किन-किन मामलों में उनका इस्तेमाल हुआ।
इस कार्रवाई में एएसआई करण सिंह, कांस्टेबल विष्णु शर्मा, छगन और मांगीलाल की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि सरकारी पहचान दस्तावेजों से छेड़छाड़ और महिलाओं से जुड़े अपराधों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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